Prabhat Prakashan, one of the leading publishing houses in India eBooks | Careers | Publish With Us | Dealers | Download Catalogues
Helpline: +91-7827007777

Jharkhand Ke Anjane Khel   

₹250

In stock
  We provide FREE Delivery on orders over ₹1500.00
Delivery Usually delivered in 5-6 days.
Author Dr. Mayank Murari
Features
  • ISBN : 9789386870650
  • Language : Hindi
  • Publisher : Prabhat Prakashan
  • Edition : 1st
  • ...more

More Information about International Finance: Theory and Policy, 10th ed.

  • Dr. Mayank Murari
  • 9789386870650
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • 1st
  • 2019
  • 128
  • Hard Cover

Description

जिंदगी कहाँ है? सरल सा जवाब है—आसपास। आसपास, यानी लोक जीवन में, जहाँ रस और रंग भरपूर है। इसको खोजने एवं महसूस करने के लिए बस दिल चाहिए। आधुनिक शहरी जिंदगी में जब समय कम हो, हरेक बात का लेखा-जोखा किया जाता हो, तब एक धप्पा मारने की जरूरत है। कहानियों में, भूली-बिसरी गलियों में, बच्चों के कोलाहल में, मैदान में खेलते-कूदते बच्चों के चेहरों में, पुरानी यादों में, दोस्तों में, गाँव एवं शहर की गलियों में। यह जीवन खेल है। यहाँ चप्पे-चप्पे पर खेल जारी है। खेल जीवन का, खेल अपना।
लोक खेलों की अपनी एक अलग ही दुनिया है। अलग इसलिए कि शहरी लोग अनजाने में इनसे कटते गए हैं। मीडिया और आयोजकों की दृष्टि से भी ये बचे रहे। इस तरह लोक खेलों की परंपरा सिर्फ गाँव में ही बची रह गई है। इन खेलों में प्रतिस्पर्धा के आयोजकों में परंपरा नहीं रही तो पुरस्कार कहाँ से होते? अब तो स्थिति यहाँ तक पहुँच गई है कि बच्चे भी इसे दकियानूसी एवं पुराने खेल कहकर नकार देते हैं। ऐसे में इन खेलों का स्मरण एवं इनके प्रति लोगों की चेतना जाग्रत् करना ही इस पुस्तक का लक्ष्य है।

____________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________

अनुक्रम

आत्मार्पण —Pgs. 7

खेल कथा —Pgs. 9

अंगुली सा गुमा गाँव —Pgs. 15

1. लोक जीवन में खेलकूद —Pgs. 19

2. भारत में खेल की परंपरा —Pgs. 27

3. लोक गीतों में खेल —Pgs. 39

4. पारंपरिक विलुप्त खेल —Pgs. 44

5. प्राचीन काल के खेल —Pgs. 78

6. लोक जीवन के विविध खेल —Pgs. 82

7. द्वंदात्मक खेल —Pgs. 84

8. सर्वश्रेष्ठ की विजय —Pgs. 88

9. दो दलों का खेल —Pgs. 90

10. खेलों के कुछ प्रकार —Pgs. 93

11. भारत में जन्मे वैश्विक खेल —Pgs. 106

12. झारखंड के विलुप्त परंपरागत खेल —Pgs. 116

संदर्भ ग्रंथों एवं पत्र-पत्रिकाओं की सूची —Pgs. 127

The Author

Dr. Mayank Murari

डॉ. मयंकमुरारी
शिक्षा : एम.ए. इन पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, पीजी इन मैनेजमेंट, पीजी इन रूरल डेवलपमेंट, डिग्री इन जर्नलिज्म, पी-एच.डी.।
प्रकाशित पुस्तकें : ‘मानववाद एवं राजव्यवस्था’, ‘भारत : एक सनातन राष्ट्र’, ‘राजनीति एवं प्रशासन’, ‘माई, एक जीवनी’ एवं ‘जहाँ है अच्छाई’।
रिप्रोडक्शन एंड चाइल्ड हेल्थ इन रूरल एरिया इन झारखंड पर रिसर्च पेपर, झारखंड में स्वास्थ्य की समस्याओं पर पेपर, उद्योग एवं विकास से संबंधित सैकड़ों रचनाएँ प्रकाशित, भारतीय दर्शन, स्वतंत्रता, सिंधु सभ्यता व आर्य सभ्यता, अंतरराष्ट्रीय विषयों पर दर्जनों शोधपरक लेख प्रकाशित।
जुड़ाव : दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, एस्सार ग्रुप, रिलायंस ग्रुप में कार्यरत।
अंतरराष्ट्रीय संस्था केयर झारखंड के पूर्व सलाहकार। सलाहकार समिति अनुसंधानिका रिसर्च जर्नल के अवैतनिक सदस्य।
संप्रति : उप महाप्रबंधक—जनसंपर्क, उषा मार्टिन, राँची (झारखंड)।
स्थायी पता : तेलपा निवास, नजदीक एच/116 एजी क्वार्टर, हिनू कॉलोनी, राँची-834002 (झारखंड)।
दूरभाष : 09934320630
इ-मेल : murari.mayank@gmail.com

 

Customers who bought this also bought

WRITE YOUR OWN REVIEW