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Pargrahi   

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Author Ramesh Chandra Sharma
Features
  • ISBN : 9788177213614
  • Language : Hindi
  • Publisher : Prabhat Prakashan
  • Edition : 1st
  • ...more

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  • Ramesh Chandra Sharma
  • 9788177213614
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • 1st
  • 2018
  • 232
  • Hard Cover

Description

विज्ञान का मनमोहक नाम इक्कीसवीं सदी की चर्चाओं में इतना अधिक प्रभावी हो गया है कि साहित्यकार इसके प्रभाव से अछूता नहीं रह सकता। इसका असर इस उपन्यास में नजर आएगा। सत्य और सौंदर्य की तलाश में नायक, चित्रकार अभय अंतरिक्ष और आसमान के उस पार ‘एल्यिंज’—परग्रहियों के होने के विश्वास में उनके चित्र बनाता है। उसकी सोच में इंद्र के अखाड़े की अप्सराएँ आ जाती हैं। इस सोच की गहराई में वह इस कदर डूब जाता है कि अपने अस्तित्व की सच्चाई का ध्यान आते हुए भी उसे चमत्कार से कम नहीं समझता। अपने अतीत, असंतोष से भी छुटकारा पा लेता है। चाँद, तारों और मंगल आदि ग्रहों पर प्राणियों के होने या न होने की अनिश्चितता, पृथ्वी के बीच पनपी दुर्दशा की समस्या का समाधान उसके दिल और दिमाग को झकझोर कर रख देता है। इस उपन्यास में कई जगह घटनाक्रम तथा समय के अनुकूल उर्दू के शायरों के शेर तथा हिंदी कविताओं के कुछ अंश कथानक की रोचकता बढ़ाते हैं। उपन्यास का नायक अंतर्विरोध के चक्रव्यूह से बाहर कैसे निकलता है, यह भी इस कथा की खूबी है।
अज्ञात, परंतु अत्यंत रुचि के विषय ‘एलियन’ यानी परग्रही को केंद्र में रखकर लिखा गया पठनीय उपन्यास

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अनुक्रम

विषय प्रवेश—5

1. सितारों से पूछिए—11

2. गगन-धरा के प्रणय मिलन—18

3. दोनों हैं आमने-सामने—33

4. वैदिक कालीन पौराणिक कथा —46

5. अग्निहोत्री की उपज संसार—50

6. धरती को आकाश पुकारे—52

7. पुरानी दिनचर्या, नई लगन—58

8. दूरियाँ अब कैसी?—71

9. कला की सार्थकता—79

10. इसरार में प्यार भी है—82

11. प्रकृति के रंगमंच पर—86

12. अंतर्दृष्टि के स्वप्न—91

13. यादों की मार्मिक अभिव्यति—99

14. गंगा गई या?—118

15. इच्छाशति—133

16. सहारा सपनों का—146

17. बातें हैं, बातों का या?—150

18. वे यों नहीं आते?—158

19. ये मंजिलें कुछ कम नहीं!—172

20. तुम रहे न तुम—180

21. दर्द के मारों को हमदर्द चाहिए—190

22. पुरानी दास्तान नए अंजाम—205

23. दुविधा के स्वर—222

The Author

Ramesh Chandra Sharma
रमेश चंद्र शर्मा
जन्म : 21 मार्च, 1929 को ग्राम टकसाल, जिला सोलन (हि.प्र.) में।
रचनाएँ : ‘बर्फ की राख’, ‘पांचाली’, ‘स्वर्ग आरोही’ (उपन्यास), ‘पगध्वनियाँ’, ‘कैक्टस के फूल’ (कहानी-संग्रह), ‘नवरंग’, ‘मैगनोलिया का फूल कमल’, ‘मुखौटा’, ‘कथा अंत की ओर’ (नाटक-संग्रह), ‘निर्जीव चाँदनी’, ‘एक स्वरता’, ‘ईव’, ‘प्राथमिक शिशु गान’ (काव्य-संग्रह) प्रकाशित।
शिमला की पत्रिका ‘दि गार्डियंज’ व ‘पद्म’ तथा पटियाला की पत्रिका ‘महेंद्रा’ का संपादन।
सम्मान-पुरस्कार : साहित्यकार पुरस्कार, सर्वोच्च चंद्रधर शर्मा गुलेरी राज्य सम्मान, बलराज साहनी अवार्ड, राष्ट्रीय हिंदी-सेवी सहस्राब्दी सम्मान, यशपाल सम्मान। हिंदी साहित्य सम्मेलन प्रयाग द्वारा सम्मान-पत्र प्राप्त। 
अनेक कृतियों पर शोध हो चुकी है।

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