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"गोवर्धन गब्बी की सभी कहानियाँ पुरुष-स्त्री के संबंधों को अलग दृष्टिकोण से पेश करती है। इन संबंधों का सिलसिला आदिम जगत् से चला आ रहा है। इसलिए यह संबंध न नवीन है और न ही आधुनिक दौर की उपज। संग्रह में शामिल सभी कहानियाँ संबंधों की एक नई परिभाषा को प्रस्तुत करती हैं, जिसमें पाप-पुण्य जैसे भाव दूर-दूर तक नहीं हैं।
यह केवल और केवल समाज में रहने वाले दो मनुष्यों की बात करती है, जिनमें से एक स्त्री है और दूसरा पुरुष। गोवर्धन गब्बी की कहानियाँ आपका परिचय ऐसे कई जोड़ों से करवाएँगी, जो समाज में कहीं आसपास या पड़ोस में या कामकाजी स्थलों में से हो सकते हैं। सभी को अपना जीवन, अपने ढंग से जीने का अधिकार है, बाकी बहस बेकार है।"