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हिंदी पत्रकारिता : 200 साल की महागाथा की प्रेरक यात्रा भारतीय समाज के जागरण, संघर्ष और चेतना निर्माण की एक सशक्त गाथा है। इस यात्रा ने विचारों, मूल्यों और जन चेतना को आकार देने का महत्त्वपूर्ण कार्य किया है। हिंदी के प्रथम समाचार पत्र ‘उदंत मार्तंड’ का प्रणव मंत्र ‘हिंदुस्तानियों के हित के हेत’ लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय स्वाभिमान की एक मजबूत आधारशिला के रूप में प्रतिष्ठित हुआ। इस पत्र ने लोकहित को सर्वोपरि रखा। इसलिए पत्रकारिता की यह दो सौ वर्षों की यात्रा सामाजिक प्रतिबद्धता और सांस्कृतिक आत्म बोध की सतत यात्रा का उत्सव भी है।