Zindagi Ki Pathshala

Zindagi Ki Pathshala   

Author: N. Raghuraman
ISBN: 9789386231321
Language: HINDI
Publisher: Prabhat Prakashan
Edition: 1
Publication Year: 2016
Pages: 176
Binding Style: Hard Cover
Rs. 250
Inclusive of taxes
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Description

चमचमाती इमारतों और अन्य सुविधाओं की बजाय संवेदनशील लोग ही दुनिया को रहने के लिए बेहतर स्थान बनाते हैं।
दृढ संकल्पित व्यक्ति को उसके लक्ष्य तक पहुँचने से कोई नहीं रोक सकता। ऐसे लोगों की ईश्वर भी मदद करता है।
अगली पीढ़ी को समग्र रूप से मजबूत बनाने के लिए स्कूल, माता-पिता और नीति-निर्माताओं को पूरी शिक्षा प्रणाली में शारीरिक शिक्षा को भी शामिल करना होगा। संतुलित विकास से ही हम सक्षम नई पीढ़ी का निर्माण कर सकते हैं।
कोई भी व्यक्ति इनोवेटर बन सकता है, यदि उसकी बुनियाद मजबूत है और आधारभूत चीजों के बारे में उसे पूरी स्पष्टता है।
जिंदगी में लंबी रेस का घोड़ा बनना है
तो पहले कॅरियर बनाइए, पैसा अपने आप
आ जाएगा।
पेड़ तो आपको लगाना ही चाहिए, लेकिन युवा मनों में शिक्षा के बीज भी बोइए; क्योंकि इनसे मिला फल पेड़ों से मिलनेवाले फलों से ज्यादा मीठा होता है।
—इसी संग्रह से
प्रसिद्ध मोटिवेशन गुरु एवं शिक्षक श्री एन. रघुरामन के दीर्घकालीन अनुभव का निचोड़ हैं ये सूत्र, जो ‘जिंदगी की पाठशाला’ में आपको सफल होने और अभीष्ट पाने में मदद करेंगे।

 

The Author
N. RaghuramanN. Raghuraman

मुंबई विश्‍वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट और आई.आई.टी. (सोम) मुंबई के पूर्व छात्र श्री एन. रघुरामन मँजे हुए पत्रकार हैं। 30 वर्ष से अधिक के अपने पत्रकारिता के कॅरियर में वे ‘इंडियन एक्सप्रेस’, ‘डीएनए’ और ‘दैनिक भास्कर’ जैसे राष्‍ट्रीय दैनिकों में संपादक के रूप में काम कर चुके हैं। उनकी निपुण लेखनी से शायद ही कोई विषय बचा होगा, अपराध से लेकर राजनीति और व्यापार-विकास से लेकर सफल उद्यमिता तक सभी विषयों पर उन्होंने सफलतापूर्वक लिखा है। ‘दैनिक भास्कर’ के सभी संस्करणों में प्रकाशित होनेवाला उनका दैनिक स्तंभ ‘मैनेजमेंट फंडा’ देश भर में लोकप्रिय है और तीनों भाषाओं—मराठी, गुजराती व हिंदी—में प्रतिदिन करीब तीन करोड़ पाठकों द्वारा पढ़ा जाता है। इस स्तंभ की सफलता का कारण इसमें असाधारण कार्य करनेवाले साधारण लोगों की कहानियों का हवाला देते हुए जीवन की सादगी का चित्रण किया जाता है।
श्री रघुरामन ओजस्वी, प्रेरक और प्रभावी वक्‍ता भी हैं; बहुत सी परिचर्चाओं और परिसंवादों के कुशल संचालक हैं। मानसिक शक्‍ति का पूरा इस्तेमाल करने तथा व्यक्‍ति को अपनी क्षमता के अधिकतम इस्तेमाल करने के उनके स्फूर्तिदायक तरीके की बहुत सराहना होती है।

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