₹400
"श्रीमान प्रशांत पोळ अपने सुललित, विचार प्रवर्तक तथा विविध जानकारियों के लेखन से सर्वदूर परिचित है। उनकी नई पुस्तक 'इंडिया से भारत : एक प्रवास' में यह सारी विशेषताएँ यथावत् तो हैं ही, परंतु यह पुस्तक वाचक को अंतर्मुख बनाकर उसके मन में एक ऐसे चिंतन को जन्म देगी, जिस चिंतन का प्रत्येक देशवासी के मन में होना और उस चिंतन के निष्कर्षों को सतत स्मरण में रखना देशवासियों के लिए एक निरंतर आवश्यकता बनी है। यह चिंतन व्यक्तिशः स्वयं के बारे में न होकर एक समाज के नाते, एक राष्ट्र के नाते हम कौन हैं, हमारी पहचान क्या है, इसका चिंतन है।
श्री प्रशांत पोळ की यह पुस्तक भारत की भारतीयता के, स्वाधीन भारत में औपनिवेशिक मानसिकता से चले संघर्ष की समीक्षा है। पाठकों को इसके पठन से, भारत को अपनी शाश्वत नींव पर पक्के खड़े युगानुकूल भारत के रंग-रूप-आकार की अचूक कल्पना करने की दृष्टि तथा उस भारत को साकार करने की शक्ति प्राप्त होगी, यह विश्वास है।
- डॉ. मोहन भागवत
सरसंघचालक
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ"
BE Hons. (Electronic and Telecom)
MA (मराठी)
‘दिशा कंसलटेंट्स’ और भारती वेब (प्रा.) लिमिटेड, नागपुर में निदेशक। लगभग 34 वर्षों का व्यावसायिक कार्य का अनुभव। 35 से अधिक देशों का प्रवास।
मेल्ट्रोन (Meltron—Maharashtra Electronics Development Corporation) में संशोधन विभाग प्रमुख थे। अनेक नए उत्पाद विकसित किए। बालासोर के मिसाइल्स फायरिंग इंटरिम टेस्ट रेंज के लिए विशेष उपकरण विकसित किया। (सन् 1990)। 1998-99 में महाराष्ट्र सरकार के आई.टी. टास्क फोर्स के सदस्य थे। 1999 में ‘World Who’s Who’ में चयन। अनेक मल्टी-नेशनल टेलिकॉम और आई.टी. कंपनियों के सलाहकार। केंद्रीय सड़क परिवहन और जहाजरानी मंत्रालय में आई.टी. टास्क फोर्स के सदस्य। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के महाविद्वत परिषद् के सदस्य। IIIT, जबलपुर की गवर्निंग काउंसिल के सदस्य। मुंबई विश्वविद्यालय के काउंसिल में आई.टी. सलाहकार।
लोकमत, तरुण भारत, विवेक, एकता, पाञ्चजन्य, ऑर्गेनाइजर आदि पत्रिकाओं में स्तंभ लेखन। ‘वे पंद्रह दिन’ पुस्तक हिंदी, मराठी और गुजराती में प्रकाशित।
‘महाकोशल विश्व संवाद केंद्र’ के कार्याध्यक्ष।