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Author Akhilesh Nigam ‘Akhil’
Features
  • ISBN : 9789375732020
  • Language : Hindi
  • Publisher : Prabhat Prakashan
  • Edition : 1st
  • ...more

More Information

  • Akhilesh Nigam ‘Akhil’
  • 9789375732020
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • 1st
  • 2026
  • 160
  • Soft Cover
  • 200 Grams

Description

"अपने-अपने तर्क' संग्रह की कहानियाँ वर्ष के विभिन्न रंग-रूप और सुगंध के नाना पुष्प हैं, जिन्हें अपने-अपने तर्क रूपी गुलदस्ते में अपने ढंग से सजाया-सँवारा गया है। संग्रह की समस्त कहानियों में यथार्थ की तपती रेत है, भावना-संवेदना की जलधारा है और कल्पना के हरे-भरे बागान हैं, जिन्हें पात्रों ने अपने संवाद के माध्यम से जीवंत स्वरूप प्रदान किया है।

संग्रह की अधिकतर कहानियाँ सामाजिक विघटन से संबंधित हैं। किसी में दहेज की समस्या उठाई गई है, तो कहीं बिरादरी की कुरीतियों पर चोट है। कहीं देह व्यापार का बोलबाला है और कहीं तथाकथित प्रेम-विवाह की छीछालेदर। नशाखोरी पर भी दो कहानियाँ हैं। समाज में इन दिनों नई-पुरानी पीढ़ी के बीच जो द्वंद्व चल रहा है, उसे लेखक ने 'एक बेकार पिता' कहानी में बड़े दर्द के साथ उभारा है। परिवार का मुखिया महत्त्वाकांक्षी नई पीढ़ी के साथ कैसे सामंजस्य बैठाए, यह दुस्साध्य पहेली है। 'कटु यथार्थ' के साथ-साथ 'गृहलक्ष्मी', 'जेनिफर' आदि कई ऐसी कहानियाँ भी हैं, जिनमें आदर्श दांपत्य और विदेशों तक व्याप्त भारतीय संस्कृति का शुभ पक्ष भी उद्घाटित हुआ है।

अखिलेश निगम चूँकि पुलिस विभाग से जुड़े अधिकारी हैं, इसलिए समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार का आँखों देखा हाल भी उन्होंने बड़ी सूक्ष्मता एवं संवेदना के साथ प्रस्तुत किया है।

हर आयु वर्ग के पाठकों के लिए पठनीय, रुचिकर और मन को उद्वेलित कर देने वाली कहानियों का संग्रह।"

The Author

Akhilesh Nigam ‘Akhil’

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