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"राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा प्रतिपादित पंच परिवर्तन के पाँचों आयाम स्वत्व बोध, सामाजिक समरसता, नागरिक कर्तव्य, कुटुंब प्रबोधन और पर्यावरण संरक्षण, भारत की वर्तमान एवं भावी चुनौतियों का समग्र समाधान प्रस्तुत करते हैं। संघ की सौ वर्षों की यात्रा में विकसित ये विचार और सेवा-आधारित प्रयास आज विकसित भारत 2047 की परिकल्पना के साथ स्वाभाविक रूप से जुड़ते दिखाई देते हैं।
यह पुस्तक पंच परिवर्तन के प्रत्येक आयाम को भारत की सांस्कृतिक दृष्टि, समकालीन चुनौतियों और संघ के कृत कार्यों के माध्यम से विश्लेषित करती है। विशेष रूप से युवा एवं प्रबुद्ध पाठकों के लिए यह कृति संघ की शताब्दी यात्रा को आधुनिक परिप्रेक्ष्य से जोड़ते हुए यह स्पष्ट करने का प्रयास है कि सामाजिक चेतना और मूल्यनिष्ठ जीवन ही भारत निर्माण का स्थायी और सशक्त मार्ग है।"