₹500
"सृष्टि की उत्पत्ति से लेकर वर्तमान समय तक ज्ञान तथा विज्ञान की उपलब्धियाँ भारत की परंपरा रही है। लौकिक तथा पारलौकिक, दोनों प्रकार के आविष्कार भारत में हुए हैं। अपने नित नूतन आविष्कारों से भारतीय वैज्ञानिक प्राचीन काल से ही विश्व को चमत्कृत करते आए हैं। निश्चित रूप से हमें इन पर अपार गर्व है।
चिकित्सा, खगोल, रसायन, धातु विज्ञान, शरीर शास्त्र, सौर-ऊर्जा, वैज्ञानिक कला, पर्यावरण आदि विज्ञान के सभी क्षेत्रों के आविष्कार हजारों वर्ष पहले केवल और केवल भारतीय ऋषि वैज्ञानिकों द्वारा ही हुए हैं।
प्रस्तुत पुस्तक पाठकों के मन में संजीवनी का काम करेगी। प्राचीन भारत के विकास की गाथा चिह्नित कर रहे जिन मील के पत्थरों को लॉर्ड मैकाले की शिक्षा नीति ने ध्वस्त किया है, उन्हें पुनः स्थापित करने में यह पुस्तक सहयोगी रहेगी।"