Prayojan Mulak Hindi Vyakaran

Prayojan Mulak Hindi Vyakaran   

Author: BN Pandey
ISBN: 9789384343736
Language: Hindi
Publisher: Prabhat Prakashan
Edition: 1
Publication Year: 2017
Pages: 216
Binding Style: Hard Cover
Rs. 400
Inclusive of taxes
In Stock
Call +91-11-23289555
for assistance from our product expert.
Description

यह पुस्तक हिंदी का वाक्यात्मक व्याकरण है। भाषा प्रयोग की सबसे महत्त्वपूर्ण इकाई वाक्य होते हैं। किसी भाषा पर अधिकार के लिए उस भाषा के विविध प्रकार के वाक्यों के गठन के आधारभूत अंतर्निहित नियमों को सम्यक् रूप में समझना आवश्यक है। इस पुस्तक में हिंदी में प्रचलित सभी प्रकार के वाक्यों के गठन के आधारभूत नियमों का विभिन्न प्रकार से विवेचन-विश्लेषण कर उन्हें अधिकाधिक बोधगम्य बनाने का प्रयास किया गया है। साथ ही प्रत्येक वाक्य साँचों पर आधारित प्रचुर उदाहरण वाक्य दिए गए हैं, ताकि प्रशिक्षार्थी उन वाक्यों को बार-बार पढें, बोलें, समझें, लिखें एवं उन्हें अपने भाषा-संस्कार का अंग बना लेने का प्रयास करें। समस्त सामग्री हिंदी-अंग्रेजी दोनों में दी गई है, इसलिए यह पुस्तक निश्चित रूप से प्रशिक्षार्थियों में हिंदी भाषा के साथ-साथ अंग्रेजी भाषा की वाक्य संरचनाओं की तुलनात्मक समझ विकसित करने में भी सहायक होगी। इस पुस्तक का उद्देश्य हिंदी के सभी वाक्य साँचों पर आधारित अधिक-से-अधिक वाक्यों का अभ्यास कराना है। इसलिए इस पुस्तक में भाषा ज्ञान या व्याकरण के अन्य आधारभूत पहलू, यथा—वर्णमाला, ध्वनि, उच्चारण, अक्षर, संयुक्ताक्षर, बलाघात, संगम, अनुतान, शब्द-भेद, लिंग, वचन, उपसर्ग, प्रत्यय, संधि, समास, संयुक्त क्रिया, संज्ञार्थक क्रिया, कृदंत आदि सम्मिलित नहीं किए गए हैं। उनके लिए लेखक की ‘अद्यतन हिंदी व्याकरण’ नामक दूसरी पुस्तक देखी जा सकती है।

The Author
BN PandeyBN Pandey

डॉ. बी. एन. पाण्डेय ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की शोधवृत्ति के अंतर्गत पटना विश्वविद्यालय से हिंदी में पी-एच.डी. प्राप्त की। राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत हिंदी प्राध्यापक एवं सहायक निदेशक के रूप में कार्य करते हुए 25 वर्षों तक कोलकाता, इंफाल, चेन्नई एवं तिरुचिरापल्लि में हिंदीतरभाषी अधिकारियों व कर्मचारियों को हिंदी का प्रशिक्षण दिया। राजभाषा विभाग के क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय, गुवाहाटी, भोपाल एवं कोलकाता में सहायक निदेशक/उपनिदेशक के रूप में कार्य करते हुए पूर्वोत्तर, मध्य एवं पूर्व भारत के 16 राज्यों में स्थित केंद्र सरकार के कार्यालयों, उपक्रमों एवं बैंकों में राजभाषा हिंदी के कार्यान्वयन का पर्यवेक्षण किया। 
लेखन : अद्यतन हिंदी व्याकरण, 
प्रयोजनमूलक  हिंदी  व्याकरण, कार्यालयीन पत्राचार एवं टिप्पणी लेखन, The Female Eagle, अद्यतन हिंदी-अंग्रेजी स्वशिक्षक (दो भागों में), मादा बाज़ (कहानी संग्रह)।

 

Reviews
More Titles by BN Pandey
Copyright © 2017 Prabhat Prakashan
Online Ordering      Privacy Policy