Mrityoramamritam Gamya

Mrityoramamritam Gamya

Author: Rajvanshi Renu Gupta
ISBN: 9789381063309
Language: Hindi
Publisher: Prabhat Prakashan
Edition: 2012
Publication Year: 2012
Pages: 232
Binding Style: Hard Cover
Rs. 300
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Description
The Author
Rajvanshi Renu GuptaRajvanshi Renu Gupta

रेणु ‘राजवंशी’ गुप्‍ता
जन्म : 20  अक्‍तूबर, 1957 को कोटा (राजस्थान) में।
शिक्षा : एम.ए. (अंग्रेजी), बी.ए. ऑनर्स (संस्कृत)।
कार्यक्षेत्र : व्यवसाय एवं साहित्य-लेखन। अनेक वर्षों तक कंप्यूटर साइंस का अध्यापन करने के पश्‍चात् अपने व्यवसाय में व्यस्त। जहाँ व्यवसाय उनके बाह्य जीवन को चलाए रखता है वहीं साहित्य, लेखन और स्वाध्याय आंतरिक जीवन को गतिशील रखता है। भटकन, उद्विग्नता, व्याकुलता और जीवन-मूल्यों की खोज को वह अपनी शक्‍त‌ि मानती हैं।
कृतियाँ : ‘प्रवासी स्वर’ (काव्य-संग्रह); ‘कौन कितना निकट’, ‘जीवन लीला’ (कहानी-संग्रह)।
पता : 6070 EAGLET DR. WEST CHESTER, OH 45069 (513) 860-1151
nishved2003@yahoo.com

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