Kritaghn

Kritaghn   

Author: Ramesh Pokhariyal Nishank
ISBN: 9789351862260
Language: Hindi
Publisher: Prabhat Prakashan
Edition: 1st
Publication Year: 2015
Pages: 152
Binding Style: Hard Cover
Rs. 200
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Description

व्यक्ति में जब समाज के लिए कुछ कर गुजरने की ललक उठती है तो वह बिना किसी की चिंता किए अपने लक्ष्य को प्राप्त करना चाहता है। लेकिन हमारे ही समाज का एक तबका ऐसा भी है, जो हर चीज के प्रति हमेशा नकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखता है। खासकर अच्छा करनेवालों के मार्ग पर अनेक तरह की बाधाएँ खड़ी करके उन्हें विचलित करता रहता है। अंबुज के साथ भी ऐसा ही हुआ, उसको उसके लक्ष्य से भटकाने के लिए दुश्मनों द्वारा ही नहीं बल्कि खुद उसकी संस्था के ही कर्मियों द्वारा अनेक कुचक्र रचे गए।

सच्चाई और सत्कर्म के मार्ग पर चलते हुए व्यक्ति को कई बार अँधेरी सुरंगों से भी गुजरना होता है, तब ऐसा लगता है कि यह रास्ता शायद उचित नहीं है, लेकिन अँधेरी सुरंग के पार सुहानी सुबह की स्वर्णिम रश्मियाँ अपना प्रकाश बिखेरे रहती हैं।

प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ की सशक्त लेखनी का एक और मील का पत्थर है यह उपन्यास ‘कृतघ्न’, जो समाज के अच्छे और बुरे, दोनों पहलुओं को उजागर करती तथा टूटते-बिखरते और फिर जुड़ते रिश्तों की बानगी देता है।

The Author
Ramesh Pokhariyal NishankRamesh Pokhariyal Nishank

जन्म : 15 अगस्त, 1959 को ग्राम-पिनानी, जनपद-पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड (हिमालय) में।
कृतियाँ : अब तक ढाई दर्जन से अधिक काव्य संकलन, कथा संग्रह व उपन्यास आदि प्रकाशित। ‘ऐ वतन तेरे लिए’ काव्य संकलन का तमिल व तेलुगु व ‘खड़े हुए प्रश्‍न’ कथा संग्रह का तमिल व मराठी में, ‘बस एक ही इच्छा’, ‘प्रतीक्षा’ व ‘तुम और मैं’ कृतियों का जर्मन भाषा, ‘खड़े हुए प्रश्‍न’ कहानी संग्रह का फ्रेंच एवं ‘भीड़ साक्षी है’ का अंग्रेजी में अनुवाद। कई कहानियों का रूसी भाषा में अनुवाद। अनेक विश्‍वविद्यालयों में साहित्य पर शोधकार्य।
सम्मान : राष्ट्रभक्‍त‌ि से ओत-प्रोत उत्कृष्‍ट रचनाओं हेतु तीन बार राष्‍ट्रपति भवन में सम्मानित। ‘डॉक्टर ऑफ साइंस’ व ‘डी.लिट.’ की मानद उपाधि। उत्कृष्‍ट साहित्य सृजन हेतु दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा, तमिलनाडु हिंदी अकादमी व भाषा संगम, चेन्नई द्वारा सम्मानित। देश-विदेश की अनेक सामाजिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक संस्थाओं द्वारा अनेक बार सम्मानित। मॉरीशस में ‘गोपियो अंतरराष्‍ट्रीय सम्मान’ से सम्मानित।
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तथा लोकसभा सांसद।

 

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