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Chinta Chhodo Sukh Se Jiyo   

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Author Dale Carnegie
Features
  • ISBN : 9789352664207
  • Language : Hindi
  • Publisher : Prabhat Prakashan
  • Edition : 1st
  • ...more

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  • Dale Carnegie
  • 9789352664207
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • 1st
  • 2018
  • 216
  • Hard Cover

Description

प्रस्तुत पुस्तक ‘चिंता छोड़ो, सुख से जियो’ में सुप्रसिद्ध सेल्फ-हेल्प पुस्तकों के लेखक डेल कारनेगी ने अपने उन निजी अनुभवों को साझा किया है, जहाँ वे स्वयं अपने जीवन की परिस्थितियों से असंतुष्ट व परेशान थे। लेकिन समय के साथ उन्होंने अपने नजरिए को बदलकर सकारात्मक सोच को अपनाया। इस पुस्तक के माध्यम से पाठकों को एक खुशहाल और तनावमुक्त जीवन की राह के विभिन्न आयाम सुझाए हैं। इस पुस्तक में दिए गए कुछ क्रियात्मक सुझावों और नियमों को जीवन में अपनाने से कोई भी व्यक्ति अपना आज और आनेवाला कल ज्यादा खुशनुमा बना सकता है।

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अनुक्रम

प्रकाशकीय—5

यह पुस्तक क्यों और कैसे लिखी गई?—7

इस पुस्तक से अधिकाधिक लाभ लेने के तरीके—13

1. वर्तमान में जीएँ—19

2. यूँ सुलझाएँ अपनी चिंताएँ—28

3. चिंता के प्रभाव को कम करना—35

4. चिंता को दिमाग में स्थान न दें—42

5. अनिष्ट को स्वीकार कीजिए—53

6. विचारों की प्रभावशीलता—64

7. जैसे को तैसा नहीं—78

8. वरदान के लिए धन्यवाद—83

9. सुख-शांति के उपाय—90

10. खटास को मिठास बना लो—98

11. चिंता को जीतना कितना आसान—107

12. आलोचना की उपेक्षा—129

13. अधिक काम के लिए आराम जरूरी—134

14. आपका दिमाग कभी नहीं थकता—139

15. यौवन को अक्षुण्ण बनाए रखें—144

16. चिंतानिरोधी व्यावहारिक आदतें—150

17. उकताहट को रचनात्मकता में बदलें—156

18. प्रकृति चलते-फिरते सुला देगी—162

19. दूध बह गया, अब रोना बेकार—169

20. आत्मानंद के लिए उपकार—175

21. अनुचित आलोचना परोक्ष प्रशंसा—182

22. प्रेरक कहानियाँ ऱ चिंताओं से संघर्ष करने का सुयोग—186

23. हीनभावना से छुटकारा—190

24. व्यापक दृष्टिकोण—195

25. भगवान तुम्हारी सुन लेगा—197

26. ठहाका मारकर हँसना—199

27. ठहाका मारकर हँसना—201

28. चिंता को मुक्का—204

29. एकदम व्यस्त—206

30. होनी होकर रहेगी—208

31. दिव्य संकेत—210

परिस्थितियों का सामना—213

सार-संक्षेप—215

The Author

Dale Carnegie

(24 नवंबर, 1888-1 नवंबर, 1955)
विश्व-प्रसिद्ध अमेरिकी लेखक एवं व्याख्यानकर्ता,  जिन्होंने  व्यक्तित्व विकास,  सेल्समैनशिप  प्रशिक्षण, कॉरपोरेट ट्रेनिंग, सार्वजनिक भाषण कला तथा आत्मविकास के विभिन्न कोर्स प्रारंभ किए, जो अत्यंत लोकप्रिय हुए। उनकी पहली पुस्तक ‘हाउ टु विन फ्रेंड्स ऐंड इन्फ्लुएंस पीपल’ 1936 में प्रकाशित हुई, जिसे जबरदस्त सफलता मिली और वह अंतरराष्ट्रीय बेस्टसेलर पुस्तक बनी तथा आज तक बनी हुई है। उन्होंने अब्राहम लिंकन की एक जीवनी ‘लिंकन ः दि अननोन’ के अलावा कई अन्य बेस्टसेलर पुस्तकें लिखी हैं।

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