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"हर क्षेत्र में महिलाओं का योगदान और उनकी भूमिका महत्त्वपूर्ण रही है। अपनी कड़ी मेहनत और कर्तृत्व के द्वारा महिलाएँ अपने असाधारण सामर्थ्य का परिचय समय-समय पर देती रही हैं। चाहे कला हो, शिक्षा हो, विज्ञान हो, अंतरिक्ष हो, राजनीति हो, कूटनीति हो, समाज-सेवा या अन्य कोई भी क्षेत्र, महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति और योगदान से दुनिया को प्रभावित किया है। ऐसी महिलाएँ न केवल अपने परिवार और समाज के लिए प्रेरणास्रोत रहीं, बल्कि उन्होंने अपनी कर्मठता, समर्पण और नेतृत्व से समाज को और अधिक मजबूत बनाया।
यह पुस्तक सिर्फ महिलाओं के लिए ही नहीं है, बल्कि इसे हर व्यक्ति को पढ़ना चाहिए और समझना चाहिए कि उनके आसपास जो महिलाएँ हैं, वे महत्त्वपूर्ण व अमूल्य हैं। वे आपके लिए सिर्फ एक देह या एक साथी, एक सेविका से बढ़कर और भी बहुत कुछ हैं।
इस पुस्तक के माध्यम से हम जानेंगे कि एक हाई वैल्यू जीवन पाने की राह में कौन-कौन सी बाधाएँ आती हैं और उन बाधाओं को हटाकर हाई वैल्यू कैसे बना जा सकता है। और कैसे अपने आत्मसम्मान को बनाए रखते हुए अपने सपनों को साकार किया जा सकता है। यह पुस्तक उन महिलाओं के लिए है, जो अपने आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और स्वाभिमान के साथ अपने लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ना चाहती हैं।"
डॉ. रश्मि
जन्म : 18 जनवरी, 1974 कानपुर (उत्तर प्रदेश)।
शिक्षा : पी-एच.डी. (कबीर काव्य का भाषा शास्त्रीय अध्ययन)।
प्रकाशित पुस्तकें : ‘और आगे बढ़ते रहो’, ‘रामकृष्ण परमहंस के 101 प्रेरक प्रसंग’, ‘व्हाट्सअप रिश्ते-नातों की कहानियाँ’, ‘अशोक चक्र विजेता’, ‘भारत रत्न से सम्मानित व्यक्तित्व’, ‘कलाम की आत्मकथा’, ‘मीराबाई’, ‘कलाम, तुम लौट आओ’ एवं ‘अटल जीवनगाथा’।
कृतित्व : विभिन्न समाचार-पत्रों, पत्रिकाओं में लेख, कविताएँ, कहानियाँ एवं पुस्तक-समीक्षाएँ प्रकाशित। दूरदर्शन, अन्य चैनलों एवं आकाशवाणी पर प्रस्तुति। दिल्ली एवं देश के अन्य शहरों में मंच पर काव्य-प्रस्तुति।
सम्मान : डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम मेमोरियल अवार्ड, राजीव गांधी एक्सीलेंस अवार्ड, आगमन सम्मान एवं डॉ. विवेकी राय सम्मान प्राप्त।
संप्रति : लेखन व अध्यापन।
संपर्क : 9971711337
rashmi.author@gmail.com