Yaksha Priya ki Paati

Yaksha Priya ki Paati    

Author: BHAGWATI PRASAD DOBHAL, Jagmohan Sharma
ISBN: 9788177213133
Language: Hindi
Publication Year: 2017
Pages: 120
Binding Style: Hard Cover
Rs. 250
Inclusive of taxes
In Stock
Call +91-11-23289555
for assistance from our product expert.
Description

 ‘यक्ष प्रिया की पाती’ की कथा दो युवा प्रेमियों के अचानक विछोह की कहानी है। यक्ष नाम का युवा, जो अलकापुरी में कुबेर का सेवक था, एक राजकीय अपराध के चलते रामटेक पहाड़ी पर एक वर्ष का निष्कासित जीवन जी रहा था। लेकिन उसकी प्रिया अलकापुरी में रहकर ही विरह वेदना सह रही है। इधर विरही यक्ष को रामटेक पर अचानक वहाँ गुजरते मेघ दिखते हैं। उन्हें यक्ष विनय कर बुलाता है, सम्मानपूर्वक बिठाकर अपनी विरह व्यथा इस आशय से सुनाता है कि ये दूत बनकर यक्ष प्रिया की हालत देखें और मुझे बताएँ। यक्ष मेघ को अलकापुरी का मार्ग, निवास की पहचान तथा प्रिया के सौंदर्य एवं गुणों का विस्तार से वर्णन करता है।
महाकवि कालिदास ने अपने काव्य ‘मेघदूत’ में इस कथानक पर यक्ष की विरह वेदना का अनूठा वर्णन किया है। किंतु कालिदास रचित काव्य में मेघ, दूत बनकर यक्ष का संदेश उसकी प्रेयसी तक नहीं पहुँचा 
सका है।
डॉ. जगमोहन शर्मा की ‘यक्ष प्रिया की पाती’ और कालिदास के मेघदूत में कथानक की बस ये ही भिन्नता है। डॉ. शर्मा ने इस वृत्तांत को दोहों में रचा है। 366 दोहों में रचित यह काव्य संग्रह कवि की अद्भुत कल्पनाशीलता, भाषा का यथोचित शब्द संयोजन, प्रसंगों के काल और समय के अनुरूप तथा मेघ की यात्रा में आए सुरम्य स्थानों का भौगोलिक एवं प्रकृति सम्मत विवरण इतना आकर्षक बन पड़ा है कि यह सबकुछ दृष्टि के सामने घटनेवाली कोई साक्षात् घटनाक्रम सा लगने लगता है। भाषा, अलंकार तथा अद्भुत उपमाओं ने प्रत्येक वर्णन को सजीव बना दिया है।

 

The Author
BHAGWATI PRASAD DOBHAL
Jagmohan Sharma

मध्य प्रदेश के विदिशा में जनमे 
डॉ. जगमोहन शर्मा गीत, नवगीत एवं गजल लेखन के बहुमुखी प्रतिभा के रचनाकार हैं। उन्होंने 30,000 से अधिक दोहों की रचना की है। श्रीमद्भागवद्गीता का भी दोहों में अनुवाद किया है। मध्य प्रदेश में प्रखर समालोचक एवं टिप्पणीकार के रूप में उनकी खास पहचान है। कई साहित्यिक एवं सामाजिक संस्थाओं द्वारा उन्हें सम्मानित किया जा चुका है। साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं में उनकी ढेरों कविताओं एवं आलेखों का प्रकाशन हो चुका है।
कार्ल मार्क्स एवं लेनिन के दर्शन का भारतीय राजनीति पर पड़ने वाले प्रभाव पर पी-एच.डी. करने वाले डॉ. जगमोहन सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। उन्होंने राजनीति-शास्त्र में एम.ए. करने के साथ-साथ 
एल-एल.बी. की भी पढ़ाई की है। कई लेखक संगठनों से जुड़े रहे डॉ. जगमोहन शर्मा भारतीय चिंतन और आध्यात्मिक चेतना के प्रखर वक्ता भी हैं।

 

Reviews
Customers who bought this also bought
More Titles by BHAGWATI PRASAD DOBHALJagmohan Sharma
Copyright © 2017 Prabhat Prakashan
Online Ordering      Privacy Policy