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"भारत और जापान यद्यपि अपनी सांस्कृतिक परंपराओं, सामाजिक संरचनाओं तथा जनसांख्यिकीय परिस्थितियों में परस्पर भिन्न हैं तथापि दोनों देश वृद्धावस्था से संबंधित गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। इन चुनौतियों के समाधान हेतु दोनों देशों ने अपनी-अपनी परिस्थितियों के अनुरूप विभिन्न नीतिगत एवं कल्याणकारी व्यवस्थाएँ विकसित की हैं। प्रस्तुत पुस्तक 'वृद्धजनहिताय' इसी महत्त्वपूर्ण विषय का व्यवस्थित, विश्लेषणात्मक एवं तुलनात्मक अध्ययन है।
इसमें वृद्धजनों की देखभाल से जुड़ी प्रमुख समस्याओं, सरकारी हस्तक्षेपों तथा उनकी प्रभावशीलता का सामाजिक एवं प्रशासनिक संदर्भों में गहन मूल्यांकन किया गया है। साथ ही भारत और जापान में वृद्धावस्था के प्रति प्रचलित सामाजिक मूल्यों, मान्यताओं तथा दृष्टिकोणों का विश्लेषण भी प्रस्तुत है तथा दोनों देशों की सफल नीतिगत पहलों एवं श्रेष्ठ प्रथाओं के आधार पर वृद्धजन देखभाल का एक समन्वित एवं व्यावहारिक मॉडल प्रस्तावित किया गया है।
यह पुस्तक सामाजिक नीति, वृद्धावस्था अध्ययन तथा तुलनात्मक कल्याणकारी व्यवस्थाओं के क्षेत्र में कार्यरत शोधार्थियों, शिक्षकों, नीति-निर्माताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं विद्यार्थियों के लिए समान रूप से उपयोगी सिद्ध होगी। साथ ही यह वृद्धजन कल्याण संबंधी सार्वजनिक विमर्श को समृद्ध करने का प्रयास भी करती है।"