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"यह विचार भारतीय आयुर्वेद की अमूल्य देन है। हमारी रसोई केवल भोजन बनाने का स्थान नहीं, बल्कि स्वास्थ्य , रोग-प्रतिरोधक क्षमता और दीर्घायु का आधार भी है। भारतीय रसोई में प्रयुक्त मसाले, जड़ी-बूटियाँ तथा प्राकृतिक खाद्य पदार्थ सदियों से स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ अनेक रोगों की रोकथाम और स्वास्थ्य संवर्धन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते आए हैं।
आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधानों ने भी यह सिद्ध किया है कि हल्दी , अदरक, लहसुन, जीरा, मेथी , दालचीनी , लौंग, कालीमिर्च , अजवाइन, तुलसी तथा अन्य अनेक प्राकृतिक पदार्थो में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इन्फ्लेमेटरी, एंटीमाइक्रोबियल, इम्मुनोमॉड्यूलेटरी तथा अन्य औषधीय गुण विद्यमान हैं। यदि इनका सही मात्रा एवं उचित विधि से उपयोग किया जाए तो यह अनेक सामान्य रोगों की रोकथाम एवं स्वास्थ्य संरक्षण में अत्यंत सहायक सिद्ध हो सकते हैं।
इस पुस्तक का उद्देश्य किसी भी प्रकार से चिकित्सकीय उपचार का विकल्प प्रस्तुत करना नहीं है, बल्कि सामान्य जनमानस को यह समझाना है कि हमारी रसोई में उपलब्ध प्राकृतिक पदार्थो का विवेकपूर्ण उपयोग स्वस्थ जीवन शैली का महत्त्वपूर्ण अंग बन सकता है। आवश्यकता पड़ने पर योग्य चिकित्सक की सलाह लेना सदैव आवश्यक है।"