Shabda-Shabda Manush Gandh

Shabda-Shabda Manush Gandh

Author: Ved Prakash Amitabh, Anand Prakash Maheshwari
ISBN: 9789380183640
Language: Hindi
Edition: 2012
Publication Year: 2012
Pages: 184
Binding Style: Hard Cover
Rs. 250
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Description

मनुष्यता का क्षय सूर्यबाला के रचना-संसार की मुख्य चिंता है और दुर्लभ मानुषगंध को सहज लेना उसका सहज स्वभाव है।
किसी 'विमर्श’ , 'आंदोलन’ , 'शिविर’ की जकडऩ से मुक्‍त उनकी सर्जना का सही मूल्यांकन पूर्वनिश्‍चित और पूर्वग्रह-प्रेरित समीक्षा-दृष्‍टि के वश की बात नहीं है। यह कृति सूर्यबाला की रचनाशीलता के स्रोत, सोच, सरोकार और संप्रेषण-कौशल पर खुले मन से विचार करनेवाले सहृदय समीक्षकों का समवेत प्रयास है। बिना किसी हड़बड़ी या अतिरंजना के रचनाओं के 'मर्म’ और 'विजन’ को समझने का विवेक इन मंतव्यों के अतिरिक्‍त दीप्‍ति दे सका है। ध्यानाकर्षक है कि समीक्षकों की दृष्‍टि रचनाओं की अंतर्वस्तु तक सीमित नहीं है। इसमें वस्तु और अभिव्यंजना का संश्‍‍लिष्‍ट अनुशीलन जितना वस्तुनिष्‍ठ है, उतना ही प्रासंगिक भी।
इस दौर की महत्त्वपूर्ण लेखिका के वैशिष्‍टय को उद्घाटित करने में सक्षम एक सार्थक समीक्षा-संवाद है यह कृति।

The Author
Ved Prakash Amitabh

जन्म : 1 जुलाई, 1947 को गाजीपुर (उ.प्र.) में।
शिक्षा : एम.ए., पी-एच.डी., डी. लिट्.।
कृतित्व : दो कविता-संग्रह, दो कहानी संग्रह, एक व्यंग्य-संग्रह और लगभग एक दर्जन शोध-समीक्षात्मक कृतियाँ, जिनमें ‘राजेंद्र यादव : कथायात्रा’, ‘हिंदी कहानी के सौ वर्ष’, ‘हिंदी उपन्यास की दिशाएँ’, ‘रामदरश मिश्र : रचना समय’, ‘अक्षर बीज की हरियाली’, ‘हिंदी कहानी का समकालीन परिदृश्य’, ‘भक्‍ति-साहित्य : आधुनिक संदर्भ’, ‘महाकवि सूरदास’, ‘साहित्य और हमारा समय’ उल्लेखनीय हैं।
संप्रति : ‘अभिनव प्रसंगवश’ (त्रैमासिक) का संपादन और प्रकाशन।
संपर्क : डी-131, रमेश विहार, अलीगढ़-202001 "

Anand Prakash Maheshwari

जन्म : 1 जुलाई, 1947 को गाजीपुर (उ.प्र.) में।
शिक्षा : एम.ए., पी-एच.डी., डी. लिट्.।

डॉ. आनंद प्रकाश माहेश्वरी ने श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से स्नातक की डिग्री के उपरांत पोद्दार इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट से एम.बी.ए. पूर्ण किया। पुलिस सेवा में आने के बाद ‘सांप्रदायिक दंगों के प्रबंधन’ विषय पर अभिनव शोध करते हुए पी-एच.डी. की उपाधि प्राप्त की।
अपने अनुभवों के आधार पर वे हिंदी तथा अंग्रेजी भाषा में रचनात्मक लेखन करते रहे हैं। अभी तक उनकी नौ पुस्तकें तथा चालीस से अधिक लेख प्रकाशित हुए हैं। उन्हें ‘गोविंद बल्लभ पंत’ पुरस्कार भी मिला है।
डॉ. माहेश्वरी 1984 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के अनुभवी अधिकारी हैं। उत्तर प्रदेश के विभिन्न महानगरों में पुलिस प्रमुख के पद पर कार्य करने के साथ-साथ उन्होंने कानून व्यवस्था, अभिसूचना, अन्वेषण, सतर्कता एवं सुरक्षा आदि के क्षेत्र में भी कार्य करके अपनी योग्यता प्रमाणित की है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल तथा सीमा सुरक्षा बल में लगभग 12 वर्ष की दीर्घावधि में उन्होंने नॉर्थ-ईस्ट, कश्मीर, नक्सल प्रभावित राज्यों, सीमा सुरक्षा से जुड़े क्षेत्रों में भी प्रशंसनीय योगदान दिया है। अति विशिष्ट सेवाओं हेतु उन्हें राष्ट्रपति पदक, वीरता एवं कठिन सेवाओं हेतु अनेक पुलिस पदकों से अलंकृत किया गया है। समाज-सेवा के क्षेत्र में भी कई संगठनों से जुड़े हैं।
संपर्क :
anand.maheshwari21@gmail.com
एनडब्ल्यू-118, स्वामी बाग, आगरा-5

 

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