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Mamla Khudre ka (PB)   

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Author Prashant Karan
Features
  • ISBN : 9789353229597
  • Language : Hindi
  • Publisher : Prabhat Prakashan
  • Edition : 1
  • ...more
  • Kindle Store

More Information

  • Prashant Karan
  • 9789353229597
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • 1
  • 2020
  • 192
  • Soft Cover

Description

हिंदी साहित्य के व्यंग्य लेखन की विधा मुझे प्रारंभ से ही बड़ी लुभाती रही। करीब-करीब सारे व्यंग्य लेखकों को पढ़ने और उनसे सीखने का सौभाग्य मिला। व्यंग्य लेखन में गंभीर विषयों पर चुटीले अंदाज में प्रतीकात्मक और परोक्ष रूप से अपनी बातें रखकर सरल तरीके से पाठकों तक पहुँचाया जाता है। अपनी रचनाओं में लेखकों का यह कतई उद्देश्य नहीं होता कि किसी की भावना को ठेस पहुँचाई जाए अथवा नकारात्मक बातों को प्रेषित किया जाए। मैंने भी व्यंग्य लेखन के क्रम में ईमानदारी से इस मर्यादा को पालन करने का प्रयास किया है। लेखन का एकमात्र उद्देश्य यह है कि नकारात्मकता को भी सकारात्मकता के साथ प्रस्तुत कर समाज को सजग और सचेत किया जाए। इन्हीं शुद्ध भावों के साथ अपनी इक्यावन रचनाओं के संकलन के साथ आपके समक्ष सेवाभाव से उपस्थित हूँ।
पुलिस सेवा में रहने के कारण समाज को, व्यक्तियों, परिस्थितियों, घटनाओं, शासन की व्यवस्थाओं को काफी निकट से देखने-समझने का अनुभव और सौभाग्य प्राप्त हुआ। जिन-जिन तथ्यों एवं परिस्थितियों ने मुझे संवेदित किया, उन्हें अपनी रचनाओं में विभिन्न प्रकार से समायोजित करने का प्रयास मैंने किया है। इस पुस्तक के माध्यम से आप पाठक ही यह निर्णय कर पाएँगे कि मैं इसमें कितना सफल हुआ।
—प्रशांत करण

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अनुक्रम

हिंदी व्यंग्य का नया सोपान —Pgs. 5

भूमिका —Pgs. 9

शंसा —Pgs. 11

प्रस्तावना —Pgs. 13

1.धर्म का प्रवचन —Pgs. 21

2.समाज-सेवा और आत्म-कल्याण —Pgs. 25

3.अंतरराष्ट्रीय होना —Pgs. 29

4.मामला खुदरे का —Pgs. 33

5.स्वप्न की सभा —Pgs. 37

6.इच्छाशक्ति —Pgs. 42

7.किसानी —Pgs. 45

8.योग दिवस —Pgs. 49

9.जन्म-मृत्यु —Pgs. 52

10.सफर —Pgs. 57

11.आस्तीन —Pgs. 61

12.बर्थ डे —Pgs. 64

13.मंचीय कविता और गंभीर साहित्य —Pgs. 67

14.बहस जड़ और जड़ता पर —Pgs. 70

15.बेदखल —Pgs. 75

16.प्रजातंत्र —Pgs. 80

17.आज के समय में साहित्यकारों का दायित्व —Pgs. 84

18.भूख से मौत —Pgs. 87

19.शिक्षा, समाज और साहित्य—प्रतिक्रियात्मक व्यवस्थाएँ —Pgs. 90

20.क्रोध का परिणाम —Pgs. 93

21.विकास के मापदंड —Pgs. 96

22.इदम् न मम —Pgs. 99

23.गुणी गुणं वेत्ति —Pgs. 102

24.वर्तमान साहित्य में नवोदितों का स्थान —Pgs. 106

25.अंतर्द्वंद्व —Pgs. 109

26.बापू के बंदर —Pgs. 112

27.दिवाकर बापू की जै —Pgs. 116

28.चुनावी वैकेंसी में आजमाइए किस्मत —Pgs. 119

29.नारी पीड़ा हुई मुखरित —Pgs. 123

30.आखिरी मोड़ —Pgs. 126

31.क्या कहती है धरा —Pgs. 129

32.एहसास है क्या? —Pgs. 133

33.स्मरणीय रेल यात्रा —Pgs. 136

34.बहस ‘योग दिवस’ के बाद की —Pgs. 139

35.आँखिन देखी —Pgs. 143

36.गुरु दक्षिणा —Pgs. 147

37.भूख —Pgs. 150

38.आजादी के वे सोलह वर्ष —Pgs. 153

39.उजाले-अँधेरे —Pgs. 156

40.पैर की जूती —Pgs. 160

41.हिंदी दिवस —Pgs. 163

42.सावन की बिदाई —Pgs. 166

43.घबरालजी और गांधीवाद —Pgs. 169

44.भविष्य —Pgs. 171

45.जयंतियाँ और साहित्यकार का दायित्व —Pgs. 173

46.अथ सड़क कथा —Pgs. 176

47.सेंध —Pgs. 180

48.परदेस जाके परदेसिया —Pgs. 183

49.निःशब्द कर गए —Pgs. 185

50.आता है वसंत का महीना —Pgs. 188

51.शांत हवा —Pgs. 190

The Author

Prashant Karan

प्रशांत करण, IPS
जन्म : 6 जून, 1956, मुजफ्फरपुर (बिहार)।
शिक्षा : स्नातक (वनस्पति विज्ञान प्रतिष्ठा) (स्वर्ण पदक), CAIIB, PGCBM (XLRI, जमशेदपुर)। झारखंड पुलिस पदक (दो बार), राष्ट्रपति पुलिस पदक (दो बार)।
प्रकाशन : ‘मत बाँध यहाँ अब तू मुझको’ (काव्य-संग्रह) एवं आकाशवाणी तथा दूरदर्शन केंद्र, राँची से लगातार कविता-पाठ।
सम्मान : संगम मणि सम्मान, प्रतिभा सम्मान, रचना प्रतिभा सम्मान, रजत रचना प्रतिभा सम्मान, स्वर्ण रचना प्रतिभा सम्मान, शतकवीर सम्मान, लाल बहादुर शास्त्री साहित्य रत्न सम्मान, कलमजीवी सम्मान, हिंदी साहित्य सम्मान।
इ-मेल : prashant.k.karan@gmail.com
Twitter- http://prashantkaran.tumbler.com, http://prashant karansatire.wordpress.com

 

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