Main Kalam Bol Raha Hoon

Main Kalam Bol Raha Hoon   

Author: Prashant Gupta
ISBN: 9789380823287
Language: Hindi
Publisher: Prabhat Prakashan
Edition: 1st
Publication Year: 2013
Pages: 136
Binding Style: Hard Cover
Rs. 200
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Description

• जिम्मेदार, साधारण, ईमानदार और परिश्रमी लोगों को ईश्वर स्वयं सम्मानित करते हैं क्योंकि उसका कहना है कि ये लोग उसकी प्रकृति की सर्वोत्तम कृति हैं। • सादगी और कड़ी मेहनत को अपनाइए, सफलता का यही एकमात्र रास्ता है।
• परिवर्तन निर्णायक होता है। इससे नए विचार सामने आते हैं; नए विचारों से ही नए कार्यों का रास्ता प्रशस्त होता है।
• कोई देश उतना ही अच्छा होता है, जितने कि अच्छे उसके नागरिक हैं; उनकी प्रकृति, उनके मूल्य और उनके लक्षण देश के स्वरूप में झलकते हैं।
• दृढ़ निश्चय के साथ किए गए प्रयासों से आप पहले से मान्य धारणाओं के विपरीत हमेशा सफलता हासिल कर सकते हैं।
• स्वप्नों से ही विकसित राष्ट्र का रास्ता निकलता है।
• नैतिक मूल्यों की पद्धति वाली शिक्षा से प्रबुद्ध नागरिक बनते हैं।
• अगर आप समय की रेत पर अपने पदचिह्न छोड़ना चाहते हैं तो अपने पैरों को घसीटिए मत।
• जब तक भारत का सिर दुनिया में ऊँचा नहीं होगा, कोई भी हमारा सम्मान नहीं करेगा।
• जीवन में जब आपकी आशाएँ, सपने और लक्ष्य टूटने लगें तो उनके टुकड़ों में खोजो, आपको इन्हीं टुकड़ों में पड़ा सुनहरा अवसर मिलेगा।
• महान् मिशन महान् मस्तिष्कों की उपज होते हैं।

The Author
Prashant GuptaPrashant Gupta

फ्रीलांस लेखक जिनके विविध विषयों पर लेख अनेक पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित एवं प्रशंसित। अनेक साहि‌त्‍य‌ि‍क-सामाजिक-सांस्कृतिक संस्‍थाओं में सक्रिय सहयोग।

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