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Author Dr. Indivar
Features
  • ISBN : 9789387980945
  • Language : Hindi
  • Publisher : Prabhat Prakashan
  • Edition : 1st
  • ...more

More Information

  • Dr. Indivar
  • 9789387980945
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • 1st
  • 2021
  • 224
  • Hard Cover
  • 350 Grams

Description

माइकेला और रित न्यूयॉर्क और दिल्ली में डॉक्टर। कर्तव्य और भावना के द्वंद्व पर झूलते प्रेमी। एक नदी के दो किनारे। बीच में बहता कोरोना कालखंड। जोखिम उठाते ये डॉक्टर, इनके सपने और पत्रकार साबिया का प्रेम त्रिकोण। एक दुर्निवार प्रेम का विक्षोभ और मृत्यु का संत्रास...।

मृत्यु शाश्वत सत्य। मृत्यु की प्रकृति को जीतने और खतरनाक वायरस बनाने का राक्षसी प्रयोग। इसी ने कोविड-19 को जन्म दिया। इससे होनेवाली मौतें अस्वाभाविक और दुनिया को हादसे में झोंकने वाली। ये मौतें जीवन का अपमान हैं। इनसे लाभ का प्रयास जीवन और मृत्यु, दोनों का अपमान। कोरोना कालखंड ऐसी ही त्रासदी है। रिश्तों और प्यार के पाँवों में जकड़ी बेडि़याँ, दुनिया विशाल कैदखाना—सब बंद। खुली रहीं कब्रगाहें। उनकी खुदाई का काम चलता रहा। महाशक्तियाँ विवश, लॉकडाउन की मोहताज। फिर माइकेला और रित का प्यार...?

राक्षसी वृत्तियाँ इस त्रासदी में भी विस्तारवाद की ओर बढ़ीं। चीन ने अमेरिका को चुनौती दी। दक्षिणी सागर से विश्व युद्ध का खतरा उठा। गलवान की घटना और मोदी के सख्त रुख से चीन-भारत युद्ध आसन्न लगा। इसी कालखंड में शाहीन बाग, दिल्ली दंगा, निजामुद्दीन जमात और श्रीराममंदिर का शिलान्यास हुआ। विपक्ष की ओछी राजनीति दिखी। मोदी की वैश्विक नेता की छवि निखरी और राहुल का बौनापन उभरा।

ये सारे परिदृश्य इसी उपन्यास के हैं, जो राजनीतिक कुटिलता, बौद्धिकता, भावना, संवेदना, प्रेम, करुणा, घृणा के द्वंद्व की मार्मिक कथा कहते हैं।

The Author

Dr. Indivar

इंदीवर—जन्म: 20 मार्च, 1953 स्थान: हरिहरपुर, चंदवक, जौनपुर (उ.प्र.)।

प्रकाशित पुस्तकें: मौलिक उपन्यास, नवगीत, समीक्षा, निबंध तथा संपादन में लगभग पच्चीस पुस्तकें प्रकाशित।

सेवाएँ: अवकाशप्राप्त प्राचार्य, साकेत पी.जी. कॉलेज, कल्याण (पूर्व), संपादक, ‘जन’ साप्ताहिक, नई दिल्ली (1977-1980), संयुक्त संपादक, ‘दैनिक रूपलेखा’, कोलकाता (1977), संयुक्त सचिव, रामायण मेला, चित्रकूट (1978-1980)।

सम्मान-पुरस्कार: उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान, लखनऊ द्वारा ‘साहित्य भूषण’, साकेत ज्ञानपीठ, मुंबई द्वारा ‘साकेत ज्ञानपीठ पुरस्कार’, ‘डॉ. शंभुनाथ सिंह नवगीत पुरस्कार’, ‘कमलापति त्रिपाठी साहित्य गौरव पुरस्कार’ सहित देश के विभिन्न संस्थानों द्वारा दर्जनों सम्मान व पुरस्कार।

संपर्क: सा. 4/36, पी-3-आर, बजरंग नगर कालोनी, दौलतपुर रोड, पांडेयपुर, वाराणसी-221002 दूरभाष: 8707301780 इ-मेल: indiwarpandey11@gmail.com.

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