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"भारत के खुफिया जगत् के गुप्त गलियारों में एक महान् व्यक्तित्व उभरता है रामेश्वर नाथ काव, जो आर.एन. काव के नाम से अधिक लोकप्रिय है। वर्ष 1918 में वाराणसी में जनमे काव का जीवन उस देश के लिए अत्यधिक महत्त्वपूर्ण होने वाला था, जिससे वे प्रेम करते थे।
भारतीय प्रशासनिक सेवा (आई.ए.एस.) के माध्यम से काव ने सरकार में एक प्रतिष्ठित कॅरियर की शुरुआत की, लेकिन 1968 में एविएशन रिसर्च सेंटर (ए.आर.सी.) के प्रमुख के रूप में नियुक्ति ने उनकी सबसे प्रभावशाली भूमिका की नींव रखी। भारत की बाहरी खुफिया एजेंसी की स्थापना का जिम्मा सौंपे जाने पर काव ने रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) की स्थापना की। उनकी दूरदर्शिता ने एक ऐसी एजेंसी का निर्माण किया, जिसने भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा पर व्यापक प्रभाव डाला।
अपनी ऐतिहासिक उपलब्धियों के बावजूद आर.एन. काव परदे के पीछे और विनम्र बने रहे तथा विरले ही कभी अपने काम का श्रेय लिया। यह पुस्तक 'आर.एन. काव' के जीवन की अनजानी-अनसुनी कहानियों को सामने लाने और उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों पर प्रकाश डालने का एक प्रयास है। सत्यनिष्ठ व कर्मयोगी आर.एन. काव की प्रेरक जीवनगाथा।"
विपुल कुमार साहित्य एवं पत्रकारिता में विशेष अभिरुचि। स्वयं स्नातकोत्तर करने के उपरांत छात्रों को स्वाध्याय के गुरुमंत्र देकर उनमें आत्मविश्वास जाग्रत् करने और परीक्षाओं में अच्छे अंक लाने का महती कार्य कर रहे हैं।