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Ye Bharat Ki Betiyan   

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Author Shashi Goyal
Features
  • ISBN : 9789347401954
  • Language : HIndi
  • Publisher : Prabhat Prakashan
  • Edition : 1st
  • ...more

More Information

  • Shashi Goyal
  • 9789347401954
  • HIndi
  • Prabhat Prakashan
  • 1st
  • 2026
  • 248
  • Soft Cover
  • 250 Grams

Description

आज महिलाएँ पुरुष के कंधे से कंधा मिलाकर प्रगति के नए-नए सोपान तय कर रही हैं। आद्यशक्ति निरूपणी, नारी शक्ति 'जाग्रत्' हो गई है। विश्व शक्ति की अवधारणा नारी शक्ति के बिना अपूर्ण है। प्राचीन भारत में नारी को सम्मानजनक स्थान प्राप्त था और कोई भी कार्य बिना नारी अपूर्ण माना जाता था, लेकिन मुगल काल के दमन ने आमतौर पर भारतीय महिलाओं की स्थिति अवैतनिक गुलामों की-सी कर दी थी। उनका शौर्य, बुद्धि, कौशल पैरों तले रौंदा जाने लगा और पुरुष शासित समाज में महिलाओं की स्थिति नगण्य, एक कोने की शोभा मात्र हो गई थी, लेकिन उनमें से भी साहस करके कोई-न-कोई चिनगारी बाहर निकल ही आती थी। उस चिनगारी से उत्साहित दूसरी ज्वाला धधक उठती। वे घर की ज्योति थीं तो वेदों के ज्ञान से महिमामंडित देवी, पति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हो जाती थीं।

प्रस्तुत पुस्तक में कुछ ऐसी ही महिलाओं का विवरण दिया गया है; हर युग की ज्योतिर्मयी ज्वालाओं को लिया गया है। विशेष रूप से उन क्षेत्रों की जिनमें पहले केवल पुरुषों का वर्चस्व था, पर वहाँ भी महिलाओं ने अपना विशिष्ट स्थान बनाया है।

भारतवर्ष की साहसी, प्रज्ञावान, समर्पित, समर्थ नारी शक्ति के अवदान को रेखांकित करती प्रेरक कृति ।

The Author

Shashi Goyal

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