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Author Purusharth Singh
Features
  • ISBN : 9788168021099
  • Language : Hindi
  • Publisher : Prabhat Prakashan
  • Edition : 1st
  • ...more

More Information

  • Purusharth Singh
  • 9788168021099
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • 1st
  • 2026
  • 136
  • Soft Cover
  • 150 Grams

Description

"अघोरी ! यह शब्द और पंथ दोनों ही लोक-जगत् के लिए सदा से अबूझ और रहस्यों से भरा रहा है। अर्वाचीनकाल से ही धर्म का आवरण लपेटकर कर्मकांड की खोल ओढ़े पोंगापंथियों ने अपना भेद खुल जाने और अपने स्वार्थवश आमजन के मन में अघोर को भय, जुगुप्सा और कौतूहल से भरा हुआ डरावना रूप बना दिया। अघोर की श्मशान सहित अनेक रहस्यमय साधनाएँ और उनका कठोर व्यवहार भी इसका एक महत्त्वपूर्ण कारक रहा है।

हिंदी सहित अन्य भारतीय भाषाओं में संपूर्णता के साथ अघोर साहित्य बहुत ही कम मिलता है, यद्यपि इनका वर्णन सर्वकाल में हुआ है। इस पुस्तक के प्रथम रुद्राक्ष आविर्भाव में इस पंथ का अभ्युदय, द्वितीय रुद्राक्ष रहस्य में साधना और लोक पक्ष तथा तृतीय रुद्राक्ष धरोहर में प्रमुख अघोरियों की जीवनी है। 'सनातन के अजेय रक्षक' के रूप में विश्व कल्याण में सतत प्रयत्नरत अघोर पंथ को सहजता से निरूपित करने का तृणमात्र प्रयास है। इस वैचारिक श्मशान-यात्रा में प्रवेश करें, जहाँ आपकी पुरानी धारणाओं की अंत्येष्टि होगी तथा एक नई, निर्भय और अघोर दृष्टि का पुनर्जन्म होगा।"

The Author

Purusharth Singh

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