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Vanbandhu Narendra Modi   

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Author Sarthak Shukla & Rajnandini
Features
  • ISBN : 9789375736608
  • Language : Hindi
  • Publisher : Prabhat Prakashan
  • Edition : 1st
  • ...more

More Information

  • Sarthak Shukla & Rajnandini
  • 9789375736608
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • 1st
  • 2025
  • 184
  • Soft Cover
  • 200 Grams

Description

"विश्व को 'वसुधैव कुटुम्बकम्' का आदर्श देने वाला यह राष्ट्र आज पुनः उसी आत्मा के साथ खड़ा है, जहाँ करुणा, कर्तव्य और आत्मोत्सर्ग जीवन के आधार रहे हैं। दीर्घ सांस्कृतिक यात्रा में भारत का जनजातीय समाज सदैव विशिष्ट स्थान रखता है। इस समाज की सरलता, श्रमनिष्ठा, प्रकृति के प्रति विनम्र श्रद्धा, लोक-ज्ञान की परंपरा और सामूहिकता की भावना हमारी राष्ट्रीय पहचान को गहराई प्रदान करती है। 'वनबंधु नरेंद्र मोदी: जनजातीय उत्कर्ष के संवाहक' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी के सार्वजनिक जीवन के उस पक्ष को विस्तृत रूप से प्रकट करती है, जिसमें उन्होंने जनजातीय समाज के प्रति विशेष संवेदनशीलता, आत्मीयता, प्रतिबद्धता और समर्पण का परिचय दिया है।
नेतृत्व की वास्तविक शक्ति उसके आचरण और उसकी नीयत में निहित होती है। माननीय नरेंद्र मोदीजी के कार्यों, निर्णयों और व्यवहार में यह दार्शनिक सत्य और भी स्पष्ट दिखाई देता है।
यह पुस्तक जनजातीय समाज के उत्कर्ष और उन्नयन हेतु व्यावहारिक कार्यनीति बनाकर उन्हें सहेजने के प्रयासों का जीवंत वर्णन तो बताती ही है, साथ ही उनकी परंपरा, अस्मिता और स्वाभिमान को भी रेखांकित करती है।"

 

The Author

Sarthak Shukla & Rajnandini

सार्थक शुक्ला

दिल्ली विश्वविद्यालय में हिंदी साहित्य के शोधार्थी हैं, जहाँ उनका अध्ययन आधुनिक हिंदी पत्रकारिता पर केंद्रित है।

पाञ्चजन्य, ऑर्गेनाइजर सहित पत्र-पत्रिकाओं में नियमित लेखन, जिनमें राष्ट्रीय हित, सांस्कृतिक विमर्श तथा नीति-निर्माण, युवा, खेल, जनजातीय समाज और समसामयिक मुद्दों पर केंद्रित अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं।

राजनंदिनी

वनस्थली विद्यापीठ में समाजशास्त्र विषय की शोधार्थी हैं, जहाँ उनका शोध भारतीय जनजातीय समाज, उसकी सामाजिक संरचनाओं और समकालीन चुनौतियों पर केंद्रित है। वे कमलज् सेवा फाउंडेशन की संस्थापक सदस्य हैं, जो जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, युवा, नारी सशक्तीकरण तथा सामाजिक जागरूकता हेतु कार्यरत है।

पाञ्चजन्य, ऑर्गेनाइजर सहित प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में उनके लेख नियमित रूप से प्रकाशित होते हैं।

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