Tumhare Liye, Bas

Tumhare Liye, Bas   

Author: Madhup Mohta
ISBN: 9789386300720
Language: Hindi
Publication Year: 2017
Pages: 128
Binding Style: Hard Cover
Rs. 250
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Description

इस संकलन में राजनैतिक विमर्श या इतिहास बोध की कविताएँ नहीं हैं; अधिकांश प्रेम कविताएँ हैं, जो एक लंबे अरसे में लिखी गईं। कई कविताएँ एक देश में प्रारंभ हुईं और किसी दूसरे देश में समाप्त हुईं। कई कविताएँ दूरदर्शन पर गाई जा चुकी हैं और कुछ व्यक्तिगत गोष्ठियों में। कुछ नज़्में और ग़ज़लें ‘दिल है ऩगमा निगार’ और ‘तुम्हारे प्यार का मौसम’ सी.डी. में संकलित हुई हैं। कुछ कविताएँ मेरे मित्र फेसबुक ग्रुप ‘एप्रिल इज नॉट द क्रूएलेस्ट मंथ’ पर प्रसारित होकर प्रशंसित हो चुकी हैं।
मन के भावों को पुस्तक का रूप देना आसान नहीं होता। विशेषकर भारतीय समाज में प्रेम कविताएँ लिखना और प्रकाशित करना एक बहुत बड़ा ़खतरा मोल लेनेवाली बात है। मैं इस बात का कोई जवाब नहीं दूँगा कि ये कविताएँ किसके लिए लिखी गई हैं। जिसके लिए लिखी गई हैं, उसे मालूम है। इसलिए इसका शीर्षक : तुम्हारे लिए, बस।

 

The Author
Madhup MohtaMadhup Mohta

जन्म :  28  जनवरी,  1960, जलालाबाद (उ.प्र.) 
शिक्षा : अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान से स्नातक (1981)। दो वर्ष तक आपात चिकित्सा अधिकारी के पद पर कार्य। रेलवे सुरक्षा बल में सहायक अधीक्षक (1984)। भारतीय विदेश सेवा में 1985 से कार्यरत। हांगकांग, काठमांडू, बैंकॉक तथा लंदन के भारतीय राजदूतावासों में नियुक्ति। भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद् के निदेशक (2003-2005), भारतीय विदेश सेवा संस्थान के निदेशक (2005-2007)। 
कृतित्व : ‘अटलजी बाई रंगा’ (2002); ‘एट होम इन द वर्ल्ड’ (2004); ‘इंडियन फॉरेन पॉलिसी : अपॉर्च्युनिटीस ऐंड चैलेंजेस’ (2007); ‘गगनांचल तथा इंडियन हॉरिजन’ (2003-2005) का संपादन। काव्य-संग्रह ‘समय सपना और तुम’ (2003)।
सम्मान : मैथिलीशरण गुप्त सम्मान (2003), महावीर प्रसाद द्विवेदी सम्मान (2004)।
दूरदर्शन पर गज़लों का प्रसारण।

 

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