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"भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का क्या योगदान रहा है, डॉ. हरीश चंद्र बर्णवाल की पुस्तक 'संघ की अनसुनी कहानियाँ', उसका तथ्यात्मक रूप से सटीक जवाब देती है। संघ को लेकर उठने वाले हर प्रश्न के लिए यह पुस्तक न केवल एक मार्गदर्शक ग्रंथ की तरह है, बल्कि दशकों पुराने अनेक मिथकों और भ्रांतियों को भी तोड़कर रख देती है।
इस पुस्तक में 225 कहानियों के माध्यम से संघ की 100 वर्षों की यात्रा को रुचिकर तरीके से प्रस्तुत किया गया है। यह तथ्य भी सामने आता है कि कैसे स्वतंत्रता संघर्ष के दौरान संघ ने ब्रिटिश सरकार के विरुद्ध एक बड़ी शक्ति के रूप में काम किया। डॉ. हेडगेवार से जुड़ी घटनाएँ इशारा करती हैं कि संघ ने परदे के पीछे से ही नहीं, बल्कि खुलकर स्वाधीनता की लड़ाई में हिस्सा लिया। पुस्तक में महात्मा गांधी, सुभाषचंद्र बोस और बाबासाहेब आंबेडकर समेत कई महान् स्वतंत्रता सेनानियों की संघ से जुड़ी अल्पज्ञात कहानियों को भी प्रस्तुत किया गया है।
यही नहीं, विभाजन की त्रासदी से लेकर आपातकाल का विरोध और कोरोना महामारी से लेकर भविष्य के मिशन तक, संघ की हर भूमिका को इसमें बारीकी से समाहित किया गया है। इसमें उन गुमनाम स्वयंसेवकों की कहानियाँ भी हैं, जिन्होंने 'राष्ट्र सर्वोपरि' के मूलमंत्र को हृदयंगम कर अपनी जान की बाजी लगाकर भी राष्ट्रसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। यह पुस्तक उन सभी अनसुनी कहानियों का समग्र दस्तावेज है, जो इस बात का प्रमाण है कि संघ सिर्फ एक संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा और समर्पण का अनवरत चलने वाला एक आंदोलन है।"
डॉ. हरीश चंद्र बर्णवाल
पश्चिम बंगाल में आसनसोल के पास नियामतपुर में जन्म। दिल्ली विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक (टॉपर) और जामिया मिल्लिया इस्लामिया से टेलीविजन पत्रकारिता में स्नातकोत्तर। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री। मानव अधिकार में पी.जी. डिप्लोमा। बॉल्सब्रिज यूनिवर्सिटी द्वारा पत्रकारिता में डॉक्टरेट की मानद उपाधि। पिछले डेढ़ दशक से टेलीविजन पत्रकारिता से जुड़े हैं। न्यूज 18 इंडिया, स्टार न्यूज, जी न्यूज, डी.डी. न्यूज में अपनी सेवाएँ दे चुके हैं। कई यूनिवर्सिटी में बतौर गेस्ट लेक्चरर सेवा का अनुभव। इस समय ब्लूक्राफ्ट डिजिटल फाउंडेशन में वाइस प्रेसिडेंट हैं।
रचना-संसार : अब तक पाँच पुस्तकें प्रकाशित—‘टेलीविजन की भाषा’, ‘सच कहता हूँ’, ‘मोदी मंत्र’, ‘मोदी सूत्र’ और ‘लहरों की गूँज’।
सम्मान-पुरस्कार : भारत सरकार के सूचना प्रसारण मंत्रालय द्वारा प्रतिष्ठित ‘भारतेंदु हरिश्चंद्र पुरस्कार’ और हिंदी अकादमी, दिल्ली सरकार द्वारा सम्मानित। इनके अलावा अखिल भारतीय अमृतलाल नागर पुरस्कार, कादंबिनी, कथादेश पत्रिका द्वारा सम्मानित तथा कई और पुरस्कार प्राप्त।
इ-मेल : hcburnwal@gmail.com
वेबसाइट : www.harishburnwal.com