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Ekatma ManavDarshan ke 60 Varsh   

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Author Ed. Binay Kumar Singh
Features
  • ISBN : 9788199232273
  • Language : Hindi
  • Publisher : Prabhat Prakashan
  • Edition : 1st
  • ...more

More Information

  • Ed. Binay Kumar Singh
  • 9788199232273
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • 1st
  • 2025
  • 240
  • Soft Cover
  • 250 Grams

Description

यह पुस्तक पं. दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानवदर्शन के परिवर्तनकारी विचारों की 60वीं वर्षगाँठ के उपलक्ष्य में 31 मई और 1 जून, 2025 को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्मृति सम्मेलन से मिली अंतर्दृष्टियों को प्रस्तुत करती है। यह सम्मेलन डॉ. श्यामा प्रसाद मुकर्जी रिसर्च फाउंडेशन, लोक नीति शोध केंद्र, एकात्म मानवदर्शन अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान और प्रभात प्रकाशन के तत्त्वावधान में संपन्न हुआ।
पं. दीनदयाल उपाध्याय का एकात्म मानवदर्शन का सिद्धांत भौतिक समृद्धि को आध्यात्मिक पूर्ति के साथ मिलाकर मानवता के समग्र विकास को पुष्ट करता है। इस खंड में प्रमुख अंतर्दृष्टियों का संकलन किया गया है, जिसमें यह बताया गया है कि कैसे दीनदयालजी के विचार 'विकसित भारत' के दृष्टिकोण को आकार देने में केंद्रीय भूमिका निभाते हुए एक मार्गदर्शक प्रकाश पुंज बने हुए हैं। सम्मेलन में अर्थव्यवस्था, शिक्षा, संस्कृति, अक्षय विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा और महिलाओं एवं युवाओं के सशक्तीकरण आदि विषयों को शामिल किया गया था, जिसमें देशभर से आए विचारकों, विद्वानों और नीति-निर्माताओं के प्रतिष्ठित समूह ने एक साथ विचार-विमर्श किया।

 

The Author

Ed. Binay Kumar Singh

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