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Author Ravindra Nath Prasad Singh
Features
  • ISBN : 9788199205376
  • Language : Hindi
  • Publisher : Prabhat Prakashan
  • Edition : 1st
  • ...more

More Information

  • Ravindra Nath Prasad Singh
  • 9788199205376
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • 1st
  • 2025
  • 272
  • Soft Cover
  • 250 Grams

Description

"सफलता की पाठशाला', इसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है, आप खुद प्रेरित (Self motivated) रहें। खुद को प्रेरित करने का मतलब, ""केंद्रित विचार-विमर्श और व्यवहार के लिए तैयार रहना।"" खुद को सोचें, खुद को पूछें, खुद को प्रेरित करें-लेखक की कलम बोलती है। सचमुच, किसी की सलाह से रास्ते जरूर मिल जाते हैं, पर मंजिल तो खुद की मेहनत से ही मिलती है; और जो अपने आपको पढ़ सकता है, वह इस जहाँ में कुछ भी कर सकता है।

विद्वान् लेखक की भाषा में नए प्रयोग, नए बिंब, नई सोच की पूँजी है। विषय की विवेचना शीर्षकों और उपशीर्षकों में बँटी हुई है। तकनीकी शब्दों को अंग्रेजी में दिया गया है। विषय-वस्तु को समझाने के लिए पर्याप्त दृष्टांत दिए गए हैं। इस पुस्तक से गुजरते हुए आप पाएँगे समाज को, संस्कृति को, आज के भटकते हुए युवाओं को, अपने अस्तित्व-बोध को बचाए रखने की ललक को लेखक ने ललकारा है। इस पुस्तक के साथ-साथ 'आप भी सफल हो सकते हैं', 'जिंदगी एक अवसर', 'बातें, जिससे जिंदगी सँवरती हैं' एवं 'क्या खोया, क्या पाया' मिलकर आपके रचना-संसार का पाँचवाँ कोण प्रस्तुत करती है और उसे कमाल की भव्यता प्रदान करती है।

- डॉ. सुरेश कुमार भूषण"

The Author

Ravindra Nath Prasad Singh

रवींद्र नाथ प्रसाद सिंह
पिताश्री : स्व. ब्रहमदेव प्र. सिंह
जन्म : मुसहरिया, कुंडवा चैनपुर, पूर्वी, चंपारण (बिहार)
शिक्षा : स्नातकोत्तर विज्ञान (बी.यू.), स्नातक पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान (पी.यू.)
प्रकाशित कृतियाँ : ‘आप भी सफल हो सकते हैं’, ‘सफलता के 5 सूत्र’, ‘जिंदगी एक अवसर : जिंदगी एक कला’, ‘क्या खोया, क्या पाया?’, ‘जीवन को बेहतर कैसे बनाएँ’, ‘सोच को बदलें’, ‘व्यक्तित्व निर्माण’।
प्रकाश्य : ‘जीवन अनमोल है’, ‘शिक्षा का अर्थ’, ‘उद्देश्य एवं औचित्य’, ‘जीवन का पैरामीटर’, ‘बिहार का विकास एक : संदर्भ कर्म-मूल्य’।
अभिरुचि : लेखन एवं समाज सेवा
आदर्श : पिताश्री
संप्रति : उप विकास आयुक्त, बेतिया।
दूरभाष : 7488626302

 

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