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Narendra Modi Hone Ka Arth   

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Author Dr. Kuldeep Chand Agnihotri
Features
  • ISBN : 9789353222567
  • Language : Hindi
  • Publisher : Prabhat Prakashan
  • Edition : Ist
  • ...more

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  • Dr. Kuldeep Chand Agnihotri
  • 9789353222567
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • Ist
  • 2019
  • 272
  • Hard Cover

Description

नरेंद्र मोदी होने का अर्थ व्यक्तिपरक नहीं बल्कि प्रतीकात्मक ज्यादा है। वे एक व्यक्ति न रहकर प्रतीक बन गए हैं। लेकिन किस चीज के प्रतीक? भारतीयता और राष्ट्रवादी शक्तियों की सामूहिक आकांक्षा के प्रतीक। एक ऐसी आकांक्षा जो भारत को पिछलग्गू नहीं, बल्कि विश्व राजनीति में सक्रिय भूमिका निभानेवाले देश के रूप में देखना चाहती है। यह आकांक्षा वर्तमान के साथ-साथ चलते हुए भारत के मूल स्वरूप और परंपरा की रक्षा करने की भी है। भारत, भारत रहते हुए विश्व में अपना सम्मानजनक स्थान प्राप्त चाहता है। लेकिन विश्व की राजनीति इतनी टेढ़ी है कि शीत युद्ध के अंत के बाद भी नए बने समीकरण भारत को वह स्थान देना नहीं चाहते। सच बात तो यह है कि अब तक की सरकारों में इसकी इच्छा ही नहीं थी। नरेंद्र मोदी ने आम भारतीय के अवचेतन में सुप्त इस इच्छा को जाग्रत् किया है। भारत जाग गया है। जाहिर है भारत के जागने से देश-विदेश की उन शक्तियों के चेहरे की रेखाएँ गहरी हो रही हैं, जो भारत की अवधारणा को नकार कर उसकी पश्चिमी पहचान बनाने के काम में लगी हुई हैं। वे शक्तियाँ हर हालत में नरेंद्र मोदी को अपदस्थ करना चाहती हैं। उन्हीं शक्तियों और उनके षड्यंत्रों को इस पुस्तक में बेनकाब करने का उद्यम किया गया है।

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अनुक्रम

पुरोकथन —Pgs. 7

पुरोवाक् : मामका पाण्डवैश्च किमकुर्वत संजय —Pgs. 13

खंड-एक

1. लंबी यात्रा का दूसरा पड़ाव  —Pgs. 21

2. नया युग-भारतीयता का युग —Pgs. 38

3. असहिष्णुता के धारावाहिक में उजड़े दरबार का प्रलाप  —Pgs. 47

4. कम्युनिस्टों का मांस भोज—पुरस्कार पाने और लौटाने की राजनीति  —Pgs. 57

5. साम्यवादियों से लेकर मजहबी उन्मादियों तक : झाग उगलता क्रोध —Pgs. 72

6. जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के जंगलों से आती आवाजों का सच —Pgs. 95

खंड-दो

7. विदेश नीति के नए संकेत और चीन का प्रश्न —Pgs. 119

8. पाकिस्तान के प्रति भारत की नीति और आतंकवाद का प्रश्न —Pgs. 144

9. आर्थिक नीति का आधार—आम आदमी के विकास को प्राथमिकता —Pgs. 155

खंड-तीन

10. मोदी की नीतियों को मिलता जन समर्थन—चुनाव परिणामों के संकेत —Pgs. 175

11. आगामी चुनाव और विपक्षी एकता की छटपटाहट  —Pgs. 251

The Author

Dr. Kuldeep Chand Agnihotri

डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री (26 मई, 1951) मूलतः हिंदी के साहित्यकार हैं। गुरुवाणी उनके विशेष अध्ययन का विषय है। पिछले दिनों प्रकाशित उनकी पुस्तक ‘मध्यकालीन दशगुरु परंपरा : भारतीय इतिहास का स्वर्णिम अध्याय’, खासी चर्चित रही। आप विश्व हिंदू परिषद् के संस्थापक महासचिव दादा साहेब आपटे के प्रथम जीवनीकार हैं। इसका मराठी और गुजराती में भी अनुवाद हुआ है। जम्मू-कश्मीर पर आपकी यह तीसरी पुस्तक है। इससे पहले जम्मू में प्रजा परिषद् आंदोलन पर लिखी ‘जम्मू-कश्मीर की अनकही कहानी’ का मराठी में भी अनुवाद हो चुका है। अनेक देशों की यात्रा कर चुके डॉ. अग्निहोत्री सामाजिक आंदोलनों में सक्रिय रहे हैं। आपातकाल का विरोध करते हुए सत्याग्रह किया और जेल यात्रा की। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में आंबेडकर पीठ के आचार्य रहे। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के उपाध्यक्ष रहे। अनेक वर्षों तक हिंदुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी के निदेशक मंडल में रहे। कुछ समय दैनिक समाचार-पत्र जनसत्ता से भी जुड़े रहे। हिमाचल रिसर्च इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष डॉ. अग्निहोत्री आजकल हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति हैं।

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