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"डॉ. मोहन भागवत की कल्पना स्पष्ट है, 'समता युक्त, शोषण मुक्त, स्वाभिमानी, संगठित और प्रबुद्ध समाज के जीवन के सभी क्षेत्रों में विजय प्राप्त करने की भावना के साथ उठ खड़े होने से ही सामर्थ्यवान, वैभवशाली और सुरक्षित भारत का निर्माण संभव है। इसके लिए संवैधानिक तंत्र और समाज की दृढ़ इच्छाशक्ति महत्त्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह करेगी। सजग स्पष्ट और अचूक नीतियाँ और स्वार्थ भेदरहित समाज देश के भाग्य निर्माता हो सकते हैं। इसलिए उन्हें एक-दूसरे का पूरक बनकर चलना होगा।'
निश्चय ही चुनाव में वाजपेयी की रैली न होने देने के लिए विमान को नहीं उतारने दिया जा रहा था। पायलट ने बता दिया कि ईंधन खत्म होने की नौबत आ गई है। लगा कि देश के भाग्य बने हुए वाजपेयी सहित हम सबके कभी भी चिथड़े उड़ जाएँगे। यदि विमान को तत्काल हरियाणा में कहीं उतरने की अनुमति नहीं मिलती तो उसके भीषण परिणाम हो सकते हैं। अनुमति मिलने के बाद हम एक ऐसी आशंका से बाहर निकलकर खुली हवा में साँस ले रहे थे, जिसे सोचना भी रोंगटे खड़े करने वाला था। फिर भी भाजपा ने इतनी गंभीर घटना को मुद्दा नहीं बनाया।
श्रीनगर के लाल चौक में तिरंगा फहराए जाने के बाद भाजपा के शीर्ष नेता चार्टर विमान से जम्मू के लिए रवाना हुए। उड़ान भरते ही पायलट ने जानकारी दी कि विमान पर गोलीबारी की जा रही है। दिल धड़काने वाले उन क्षणों के बीच नरेंद्र मोदी औरों से अलग निडर होकर विमान में आगे-पीछे की सार-सँभाल करते रहे। थोड़ी देर बाद पायलट ने ऐलान किया कि विमान गोलीबारी की रेंज से बाहर निकल आया है। उसी के साथ मोदी की आवाज गूंज उठी-' भारत माता की जय।'"
गोपाल शर्मा
हिंदी और अंग्रेजी दोनों में डॉक्टरेट और चार विषयों में एम.ए. के साथ ही एम.फिल. (दो स्वर्ण पदक), एम.एड., पी.जी.डी.टी.ई. (सी.आई.एफ.एल.) आदि शैक्षणिक उपाधिधारक। देश के पाँच नगरों और विश्वविद्यालयों (हरिद्वार, बेंगलुरु, हैदराबाद, जयपुर, भोपाल) और अफ्रीका (गैरयूनिस, बेनगाजी, वोलेगा-निक्मत, अरबा मींच) के 4 विश्वविद्यालयों में अंग्रेजी भाषा शिक्षण (ई.एल.टी.) और अंग्रेजी साहित्य के विशेषज्ञ प्रोफेसर के रूप में लगभग चार दशकों से कार्यरत। अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंसों में सक्रिय भागेदारी। 56 अंग्रेजी शोध-पत्रों का प्रकाशन। हिंदी और अंग्रेजी में समान गति से पुस्तकाकार लेखन भी। 2020 तक 40 पुस्तकों का लेखन। अकादमिक पुस्तकों के अतिरिक्त नेल्सन मंडेला, नादिया मुराद, जाक देरिदा, मुंशी प्रेमचंद, गौरी दत्त, नरेंद्र मोदी, राम नाथ कोविंद, और रमेश पोखरियाल निशंक आदि पर एकाधिक अंग्रेजी पुस्तकें देश-विदेश के प्रतिष्ठित प्रकाशकों द्वारा प्रकाशित। दक्षिण की हिंदी साहित्यिक पत्रकारिता और रचनाकारों में जान-पहचान और यथायोग्य प्रतिष्ठा।
इ-मेल : prof.gopalsharma@gmail.com