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Khadakmafi Ki Smritiyon Se   

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Features
  • ISBN : 9789386054869
  • Language : Hindi
  • Publisher : Prabhat Prakashan
  • Edition : First
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  • 9789386054869
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • First
  • 2018
  • 184
  • Hard Cover

Description

रचना का कथानक उदारीकरण से पूर्व का है। तीव्र जीवनशैली, उपभोक्ता संस्कृति तब तक लोकजीवन से नदारद थी। सो युवाओं को मन-रंजन के लिए व्यूह रचना की दरकार पड़ती थी।
कथाभूमि  मध्य  हिमालय-शिवालिक के संधिस्थल पर बसे अंचल की है। लोक-संस्कृति, लोक व्यवहार व अपनेपन की झलक रचना में यत्र-तत्र दिखाई पड़ती है। 
घटनाक्रम लेखक के कैशोर्य-युवावस्था के संधिकाल का है; जो कुछ भी अनुभव किया, उसका यथार्थ चित्रण हुआ है। चित्रण जीवंत है, जिससे रचना असर पैदा करती है, चमत्कृत करती है। उसी साँचे को प्रस्तुत किया गया है, जिसमें ढलकर वह ऐसा बन पड़ा है। रचना उसी भावभूमि का विस्तार है।

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अनुक्रम

प्राक्कथन—7

1. चरित्र-निर्माता—11

2. कुंभ व कुम्हार : एक—17

3. कुंभ व कुम्हार : दो—22

4. कुंभ व कुम्हार : तीन—28

5. उच्च शिक्षा—33

6. क्रीड़ा संसार—39

7. नदी किनारे गाँव रे—46

8. पुरुष बली नहीं होत है, समय होत बलवान—50

9. ब्रह्ममुहूर्त—56

10. मूँछ-मर्दन—62

11. गोपालन—75

12. वृषभ-हरण—81

13. कुक्कुट-हरण—87

14. भेड़-चाल—93

15. भंग-प्रसंग—97

16. मद्य प्रसंग—103

17. काली कथा—108

18. प्रसंगवश—115

19. मिलनसार लोग : एक—121

20. मिलनसार लोग : दो—127

21. मिलनसार लोग : तीन—132

22. स्मरण—137

23. समय-सारिणी—143

24. कालाय तस्मै नमः—147

25. ऑलोपैथी—151

26. पोथी पढ़ि-पढ़ि जग मुआ : एक—156

27. पोथी पढ़ि-पढ़ि जग मुआ : दो—161

28. विदुषी—167

29. मनीषी—172

30. भाषा बहता नीर—177—

 

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