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Jharkhand Samanya Gyan (PB)   

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Author Manish Ranjan
Features
  • ISBN : 9789351867982
  • Language : Hindi
  • ...more

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  • Manish Ranjan
  • 9789351867982
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • 2018
  • 604
  • Soft Cover

Description

झारखंड राज्य प्रकृति, संस्कृति, राजनीतिक और भौगोलिक संरचना की सघन विविधता का अद्भुत उदाहरण है। संगीत और नृत्य में झूमता यह प्रदेश मांदर और बाँसुरी की धुन पर जीते हुए सामूहिकता की भावना को आगे बढ़ाता है। करमा, सरहुल, टुसु, सोहराई जैसे पर्व और अनुष्ठानों के बीच जनजातीय जीवन की सादगी तथा स्वच्छता के साथ प्रकृति की सुषमा का वरदान इसकी विशेषता है। 'चलना जहाँ नृत्य और बोलना जहाँ संगीत'-वास्तव में यही झारखंड की परिभाषा एवं प्रस्तावना है। यह पुस्तक झारखंड के विषय में संपूर्ण जानकारी देती है।

दस अध्यायों में विभक्त यह पुस्तक प्रदेश की ऐतिहासिक, भौगोलिक, राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक स्थिति का विस्तार से विश्लेषण करती है। सामाजिक झारखंड में वर्तमान में हुए विकास और परिवर्तन की तर्कपूर्ण और रोचक प्रस्तुति इसे विशिष्ट बनाती है।

इसके अलावा झारखंड में क्रियान्वित विभिन्न योजनाएँ, संप्रति झारखंड सांख्यिकीय उपस्थापन और झारखंड प्रश्नावली जैसे प्रतियोगितापरक अध्याय इसके मुख्य आकर्षण हैं। यहाँ ज्ञानवर्धक तथ्यों के साथ-साथ एक विचारपरक व्याख्या भी है, जिससे यह पुस्तक न केवल प्रतिभागियों की दृष्टि से अपितु शोधकों, अध्यापकों और पाठकों के झारखंड दिग्दर्शन हेतु पूर्णतया उपयोगी और पठनीय है।

FOR MORE ABOUT BOOK AND TOC (Table of Content) PLEASE SEE LINK https://prabhatbooksdelhi.blogspot.in/2017/08/jharkhand-samanya-gyan-hindi-paperback.html

अनुक्रम

भूमिका—7

1. झारखंड का इतिहास—15-45

2. झारखंड आंदोलन —63-90

3. झारखंड की विशिष्ट पहचान—92-182

4. झारखंड का लोक साहित्य—186-207

5. झारखंड का साहित्य व साहित्यकार—222-230

6. शिक्षण संस्थान—235-241

7. झारखंड में खेलकूद—245-257

8. जमीन संबंधी कानून—259-292

9. 1947 से राज्य में आर्थिक विकास—295-331

10. झारखंड की नीति—333-421

(Continue)....

The Author

Manish Ranjan

डॉ. मनीष रंजन वर्ष 2002 बैच के आईएएस अफसर हैं और वर्तमान में झारखंड सरकार में कार्यरत हैं। उन्होंने झारखंड में विभिन्न जिलों में उपायुक्त सह-जिला कलेक्टर के रूप सफलतापूर्वक काम किया है। आईआरएमए, गुजरात से एम.बी.ए. करने के बाद उन्होंने मैनेजमेंट स्टडीज में पी-एच.डी. की उपाधि हासिल की।
शानदार शैक्षणिक और पेशेवर कॅरियर में उन्होंने आईएएस की मेरिट में पहला स्थान हासिल करके डायरेक्टर्स गोल्ड मेडल हासिल किया था। उन्हें लगातार दो वर्ष प्रधानमंत्री मनरेगा उत्कृष्टता पुरस्कार, राष्ट्रपति से निर्मल ग्राम पुरस्कार, एशियन  फेडरेशन  ऑफ  इंटेलेक्चुअल डिसेबिलिटीज, जापान-एएफआईडी से स्टार राफ्ट पुरस्कार और शारीरिक विकलांगों के लिए अनुकरणीय कार्य करने के लिए नेशनल ट्रस्ट के स्पंदन पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।
उन्होंने कई बेस्ट सेलर पुस्तकें लिखी हैं, जो संचार कौशल, निर्णय एवं समस्या समाधान के साथ-साथ सिविल सेवा अभिरुचि परीक्षा (सीएसएटी) पर केंद्रित हैं।
डॉ. रंजन डॉ. कलाम के बड़े प्रशंसक रहे हैं और उनसे कई बार मिले भी। प्रश्नोत्तरी में उनकी गहरी रुचि है तथा प्रश्नोत्तरी में वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बार विजेता रहे हैं। उन्होंने डॉ. कलाम के जीवन के महत्त्वपूर्ण पहलुओं को प्रश्नोत्तरी के रूप में प्रस्तुत किया है।

 

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