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Author Smt. Renu Saini
Features
  • ISBN : 9789386870179
  • Language : Hindi
  • Publisher : Prabhat Prakashan
  • Edition : Ist
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  • Smt. Renu Saini
  • 9789386870179
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • Ist
  • 2018
  • 248
  • Hard Cover

Description

माँ भारत के सपूत नेताजी सुभाषचंद्र बोस का दिव्य व्यतित्व एक दीपक नहीं, बल्कि एक सूरज बनकर हम सबके जीवन को प्रकाशमान कर रहा है। उन्होंने कम उम्र में ही अपनी प्रतिभा व अस्तित्व को देश पर न्योछावर करने का प्रण कर लिया था। अनेक अत्याचार और बाधाओं के बावजूद उन्होंने अपने आप को कमजोर नहीं पड़ने दिया, बल्कि अपनी अद्भुत जिजीविषा का परिचय देकर अपनी अप्रतिम संगठन शति का परिचय दिया। सुभाषचंद्र बोस के जीवन का केवल एक लक्ष्य था—आजादी। उन्होंने हर एक भारतीय से कहा, ‘‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूँगा।’’ सुभाषचंद्र बोस बड़े-से-बड़े जोखिम से टकर लेते थे, योंकि वे इस बात को जानते थे कि बिना जोखिम की सफलता ऐसी विजय की तरह है, जिसमें गौरव न हो।
सुभाषचंद्र बोस के अचल विश्वास और कार्यों ने संपूर्ण ब्रिटिश साम्राज्य को हिला दिया था। उस समय सुभाषचंद्र बोस का अस्तित्व ही ब्रिटिशों के लिए खतरे की घंटी बन गया था। उन्हें ज्ञात हो गया था कि सुभाषचंद्र बोस अब भारत में उनके साम्राज्य को अधिक दिनों तक न रहने देंगे; और हुआ भी यही। सुभाषचंद्र बोस ने अपना संपूर्ण जीवन भारतमाता के चरणों में समर्पित कर दिया।
नेताजी सुभाषचंद्र बोस के प्रेरणाप्रद जीवन, उनकी दूरदर्शिता, संगठनात्मक कौशल व कूटनीति को छोटी-छोटी कहानियों के माध्यम से प्रस्तुत करती है यह पठनीय पुस्तक।

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अनुक्रम  
प्राकथन—७ 61. सैन्य प्रशिक्षण का रोमांच—132
1. सुभाष का जन्म—13 62. मनोविज्ञान से टूटा नाता—134
2. स्कूल में प्रवेश—15 63. जलियाँवाला बाग हत्याकांड—136
3. सुभाष का स्कूल—17 64. कैंब्रिज में प्रवेश—138
4. सुभाष के शिक्षक—19 65. सिविल सर्विस की पढ़ाई—140
5. स्कूल का परिवेश—20 66. कैंब्रिज की आजादी—142
6. प्रधानाध्यापक की सनकियाँ—22 67. पुस्तक-प्रेम—144
7. भारतीय विद्यार्थियों के साथ भेदभाव—24 68. भारतीयों से भेदभाव—146
8. नए स्कूल में प्रवेश—26 69. ओ.टी.सी. में भरती—148
9. बँगला भाषा पर कमजोर पकड़—28 70. बच्चों की शिक्षा—150
10. बागवानी का शौक—30 71. आई.सी.एस. की लिखित परीक्षा—152
11. खेलों के प्रति उदासीनता—32 72. आई.सी.एस. का साक्षात्कार—154
12. मेरे प्रिय शिक्षक—34 73. भाई से पत्र-व्यवहार—156
13. मैं या बनूँगा?—36 74. आई.सी.एस. पद का त्याग—158
14. प्रिय शिक्षक का स्थानांतरण—38 75. समझौते से किया इनकार—160
15. प्रकृति से मित्रता—40 76. लिखित निर्देशों में बदलाव—161
16. किशोरावस्था में प्रौढ़ावस्था—42 77. पिता से पहले देश—163
17. विवेकानंद का साहित्य—44 78. गांधीजी से मुलाकात—165
18. योग का अभ्यास—46 79. देशबंधु से भेंट—167
19. एकाग्रता का अभ्यास—48 80. सुभाष की जेल-यात्रा—169
20. साधुओं से संपर्क—50 81. असहयोग आंदोलन का स्थगन—171
21. देने की भावना—52 82. सुभाष के रचनात्मक कार्य—173
22. गरीबों की मदद—53 83. सुभाष का नेतृत्व—175
23. सुभाष की टोली—55 84. स्वराज पार्टी का गठन—177
24. टोली की मदद—57 85. कुशल प्रशासक सुभाष—179
25. क्रांतिकारियों की तसवीरें—59 86. मुय कार्यकारी अधिकारी सुभाष—181
26. राजनीति की प्रेरणा—61 87. पुन: गिरतारी—183
27. अन्याय का विरोध—63 88. देशबंधु का निधन—185
28. भूत का डर—65 89. दुर्गापूजा के लिए भूख हड़ताल—187
29. लोरी के गीत—67 90. बने विधान परिषद् के सदस्य—189
30. भयभीत करते सपने—69 91. जेल में हुए बीमार—190
31. सर्वधर्म समान—71 92. साइमन कमीशन का विरोध—192
32. भेदभाव का किया विरोध—73 93. आपसी मतभेद—194
33. मैट्रिक में दूसरा स्थान—75 94. दिल्ली घोषणा-पत्र का विरोध—196
34. छोटी-छोटी बातें—77 95. स्वाधीनता दिवस का आयोजन—198
35. कॉलेज में प्रवेश—79 96. गांधी-इर्विन समझौता—200
36. कॉलेज के ग्रुप—81 97. वतन से बाहर—201
37. धर्म और राष्ट्र का समन्वय—83 98. क्रांति का अध्ययन—203
38. ग्रुप की गतिविधियाँ—85 99. विदेशों में भारत की तसवीर—205
39. बंगाल की जानकारी—87 100. पिता की मृत्यु—207
40. ग्रुप की योजनाएँ—89 101. विवाह बंधन में बँधे सुभाष—209
41. राजनीति के संत—91 102. स्वदेश वापसी—210
42. एक संस्था ऐसी भी—93 103. जेल की रिहाई—212
43. वह बूढ़ी भिखारिन—95 104. सुभाष की रथयात्रा—214
44. हैजे का प्रकोप—97 105. हरिपुरा में सुभाष का भाषण—216
45. भारत की गरीबी की तसवीर—99 106. दोबारा अध्यक्ष चुने गए—218
46. जातिगत भेदभाव का सामना—101 107. फारवर्ड लॉक की स्थापना—220
47. कुसुम सरोवर के दिन—103 108. फिर हुई गिरतारी—222
48. अंग्रेजों के अत्याचार—105 109. देश से पलायन—224
49. दर्शनशास्त्र से बुद्धिमा का आगाज—107 110. जर्मनी में देश के लिए संघर्ष—226
50. ओटन ने किया अपमान—109 111. पुत्री का जन्म—228
51. अपमान का विरोध—112 112. स्त्री रेजीमेंट—230
52. मरीजों का अंतिम संस्कार—114 113. आजाद हिंद फौज की ब्रिगेड—232
53. संगठन का निर्माण—116 114. आजाद हिंद फौज की काररवाई—234
54. अस्पृश्यता की समस्या—118 115. आजाद हिंद फौज की पराजय—236
55. सामूहिक पूजा का आयोजन—120 116. सुभाषचंद्र बोस की मृत्यु—237
56. आत्मविश्लेषण का अभ्यास—122 117. मृत्यु एक पहेली—239
57. अवचेतन की शति को पहचाना—124 118. महान् विभूति सुभाष—241
58. मन की नजर—126 119. आजाद हिंद फौज—243
59. प्रतिबंध हटा—128 120. दिल्ली चलो—245
60. सैन्य जीवन का प्रशिक्षण—130  

The Author

Smt. Renu Saini

रेनू सैनी
जन्म : 1 अप्रैल।
शिक्षा : एम.फिल. (हिंदी)।
प्रकाशन : ‘दिशा देती कथाएँ’, ‘बचपन का सफर’ एवं ‘बचपन मुसकाया जब इन्हें सुनाया’।
सम्मान : दिल्ली की हिंदी अकादमी द्वारा चार बार नवोदित लेखन एवं आठ बार आशुलेखन में पुरस्कृत; ‘बचपन का सफर’ पुस्तक को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा बाल साहित्य वर्ग के अंतर्गत ‘भारतेंदु हरिश्चंद्र पुरस्कार (द्वितीय पुरस्कार); पाँचवीं कक्षा की पाठ्यपुस्तक ‘वितान’ के अंतर्गत कहानी ‘अद्भुत प्रतिभा’ शामिल; पाठ्यपुस्तक ‘बातों की फुलवारी’ के अंतर्गत ‘आखरदीप’ कहानी समिलित। राष्ट्रीय स्तर की अनेक पत्रपत्रिकाओं एवं आकाशवाणी से रचनाओं का प्रकाशन व प्रसारण।
संप्रति : सरकारी सेवा में कार्यरत।

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