Prabhat Prakashan, one of the leading publishing houses in India eBooks | Careers | Publish With Us | Dealers | Download Catalogues
Helpline: +91-7827007777

Chaho Sab Kuchh Chaho (Paperback)   

₹175

In stock
  We provide FREE Delivery on orders over ₹1500.00
Delivery Usually delivered in 5-6 days.
Author Sadhguru
Features
  • ISBN : 9789352665198
  • Language : Hindi
  • Publisher : Prabhat Prakashan
  • Edition : Ist
  • ...more

More Information about International Finance: Theory and Policy, 10th ed.

  • Sadhguru
  • 9789352665198
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • Ist
  • 2018
  • 208
  • Soft Cover

Description

"चाहो! सब कुछ चाहो ''लोग मुझसे अक्सर पूछते हैं,'' 'बुद्ध ने कहा इच्छा न करो। लेकिन आप तो कहते हैं-सारा कुछ पाने की इच्छा करो। यह विरोधाभास क्यों है?' जो अपने जीवन-काल के अंदर समस्त मानव जाति को ज्ञान प्रदान करने की इच्छा करते रह, क्या उन्होंने लोगों को इच्छा का त्याग करने को कहा होगा? कभी नही। बड़ी से बड़ी इच्छाएं पालिए। उन्हें पाने के लिए सौ फीसदी लगन के साथ कार्य कीजिए। ध्यानपूर्वक इच्छा का निर्वाह करेंगे तो वांछित मनोरथ पा सकते हैं।'' -सद्गुरु बेहद लोकप्रिय साप्तहिक 'आनंद विकटन' में एक वर्ष-पर्यत धरावाहिक रूप से निकलकर, फिर पुस्तकाकार प्रकाशित सद्गुरु के वचनामृत अब आपके हाथों में है - 'चाहो! सब कुछ चाहो'

______________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________

अनुक्रम     III. ईश्वर की प्रतीक्षा न करें   
निवेदन     27. ईश्वर है...या नहीं है? 117
I. इच्छाओं की बुनियाद     28. दुनिया पर शासन चलाने की इच्छा है? 120
1. इच्छाओं को त्यागना मूर्खता है! 15   29. दुश्मन अंदर बैठा है 124
2. क्या आप खुशी को गिरवी रखना चाहेंगे? 19   30. मन क्यों उलझता है? 127
3. प्रकृति से सीखिए 23   31. क्या पवित्र ग्रंथों के पाठक पुण्यात्मा हैं? 131
4. खुदगर्जी भी जरूरी है 26   32. भगवान् के इंतजार में बैठे न रहिए 134
5. समस्याओं का स्वागत करें 30   33. यश और लोकप्रियता कैसे पाएँ? 138
6. वह क्षण, जब दस्तक देगी कामयाबी 34   34. अपने पर विश्वास कीजिए, ईश्वर पर नहीं 142
7. जिंदगी आपके मन-माफिक 38   35. कौन सा अच्छा है और कौन सा बुरा? 145
8. क्षमता के अनुरूप ऊँचाई 42   36. क्षमताओं को कैसे बढ़ाएँ? 149
9. क्रोध को मार डालो 46   37. गलतियों को स्वीकार कीजिए! 153
10. पूरी लगन के साथ काम कीजिए 50   38. कामयाबी लाडली बच्ची है 156
11. दिलचस्प लगेगा हरेक मोड़ 54   39. तनाव दूर कीजिए 159
12. बच्चे को कैसा उपहार दें? 58   IV. आसान है सपनों को साकार करना  
13. नंबर क्या कर सकते हैं? 62   40. प्रतिकूल ज्योतिष-फल को झुठलाइए 165
II. नुकसान में भी फायदा     41. स्नेह सहज स्वभाव बन जाए 168
14. क्या अगले की बरबादी में है आपकी कामयाबी? 69   42. मन की पस्ती को दूर हटाएँ 171
15. सपने साकार होंगे 72   43. आप किस धर्म के माननेवाले हैं? 174
16. आप भी बनें उग्रवादी 76   44. पुरुष और स्त्री 178
17. खुशी किसमें है? 80   45. क्या नारी अक्ल में पिछड़ी है? 181
18. नाहक अपने को न दुखाइए 83   46. अपने भाग्य का स्वयं निर्माण करें 184
19. बुरी आदतें कौन सी हैं? 87   47. अपनी पहचान का मुखौटा 187
20. क्या प्रेम भी कोई माया है? 90   48. सपना साकार कीजिए 191
21. कौन किसका मेल है? 94   49. क्या जीवन कोई लेन-देन का मामला है? 194
22. लगाव बुरा नहीं है 98   50. मैं कौन हूँ? आप कौन हैं? 197
23. कर्तव्य— विदा कर दीजिए इस शब्द को 102   51. यौवन : जीवन का अमूल्य अवसर 200
24. विनाश भी विकास के लिए ही है 105   52. अपनी इच्छा के स्वामी स्वयं बनें 203
25. जिम्मेदारी भी कोई बोझ है! 109   53. वांछित मनोरथ पाइए 206
26. विधि-विधानों का नियामक कौन? 112   सद्गुरु 209

 

The Author

Sadhguru

Customers who bought this also bought

WRITE YOUR OWN REVIEW