Bharatiya Kala Darshan

Bharatiya Kala Darshan   

Author: Shashiprabha Tiwari
ISBN: 9789352665556
Language: Hindi
Publication Year: 2018
Pages: 160
Binding Style: Hard Cover
Rs. 300
Inclusive of taxes
In Stock
Call +91-11-23289555
for assistance from our product expert.
Description

भारत की कला बहुत गहराइयों में ले जाती है। आदमी गहराइयों में उतरता चला जाता है, यह भारतीय कला की विशेषता है। भारत की कला भारतीय संस्कृति की वाहिका है। कला संस्कृति को लेकर चलती है। हमारे सामने सबसे बड़ा प्रश्न यही खड़ा हो जाता है कि कला जिस संस्कृति को लेकर चलती है, वह संस्कृति क्या है? अंग्रेजी में हम लोग उसको कल्चर कहते हैं। कल्चर और संस्कृति दोनों समानार्थी नहीं हैं।
संस्कृति अलग चीज है। संस्कृति का केंद्रबिंदु अलग है। संस्कृति का केंद्रबिंदु जो है, वह भारत में अध्यात्म है। भारत की संस्कृति अध्यात्म को लेकर चलती है।

The Author
Shashiprabha TiwariShashiprabha Tiwari

शशिप्रभा तिवारी
शिक्षा : राँची विश्वविद्यालय से प्रथम श्रेणी में स्नातकोत्तर, पत्रकारिता स्नातक।
कृतित्व : जनसत्ता तथा हिंदुस्तान में सृजनात्मक एवं विश्लेषणात्मक लेखन। पत्रिकाओं में रचनाओं का नियमित प्रकाशन। आकाशवाणी एवं दूरदर्शन के लिए अनेक बार प्रतिष्ठित कलाकारों के साथ वार्त्ताओं का प्रस्तुतीकरण। विभिन्न चैनलों में समय-समय पर सांस्कृतिक विषयों पर बातचीत में सहभागिता। नई दिल्ली राज्य हिंदी अकादमी के सहयोग से कविताओं का एक संकलन ‘पंख’ प्रकाशित।
विश्व ख्याति के लोगों के साक्षात्कार, जिसमें पं. बिरजू महाराज, पं. रविशंकर, पं. शिवकुमार शर्मा, पं. हरिप्रसाद चौरसिया, पं. जसराज, विदुषी किशोरी अमोणकर, पं. छन्नूलाल मिश्र, उस्ताद अमजद अली खाँ आदि प्रमुख हैं।
सम्मान : सृजन सक्रियता के लिए राजीव रत्न सद्भाव सम्मान, संगीत साधिका सम्मान, शब्द शिल्पी सम्मान।
संपर्क : म. नं. 410, शंकर मार्ग-2, मंडावली, नई दिल्ली-110092
दूरभाष : 9868302465, 9716047200

Reviews
Copyright © 2017 Prabhat Prakashan
Online Ordering      Privacy Policy