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प्रतिस्पर्धा के इस युग में हर कोई सफल और खुशियाँ पाने के लिए दौड़-भाग कर रहा है। परंतु ज्ञान के अभाव में वह यह नहीं समझ पाता कि सपनों को हकीकत में कैसे बदला जाए। अपनी किस्म की इस खास पुस्तक में लिखे हुए महान् विचार देखने में चाहे आपको छोटे-छोटे दिखाई दे, लेकिन सफल जीवन के गुर, आपसी भाईचारे, रिश्तों में मजबूती और जीवन में बड़ी-बड़ी खुशियों को पाने का पैगाम अपने अंदर समेटे हुए है। हर भाव को पढ़ने के साथ आप खुद महसूस करेंगे कि यह आपकी शक्ति और सहनशक्ति को बढ़ाने साथ हर क्षेत्र में सफलता एवं खुशियाँ दिलाने में सहायक सिद्ध हो सकते हैं। ये छोटे-छोटे विचार जहाँ आपका परिचय अच्छे संस्कारों से करवाएँगे वहीं आपके अंदर दृढ़ संकल्प, विवेक और सकारात्मक भावनाओं की नई ऊर्जा पैदा करने के साथ आपके जीवन को बड़ी-बड़ी खुशियों से भर देंगे।
जीवन के विविध रंगों और खुशबुओं से सराबोर इन विचारों का संकलन आपके जीवन में बड़ी-बड़ी खुशियाँ पाने के लिए एक प्रैक्टिकल हैंडबुक है।
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| अनुक्रमणिका | |
| अदृश्य विचार की अपरंपार शति — 5 | 26. सहयोग — 99 |
| भूमिका — 7 | 27. इच्छाशति — 101 |
| 1. या आप जानते हैं कि — 11 | 28. एकाग्रता — 104 |
| 2. अनमोल विचार — 13 | 29. कण-कण में भगवान् — 106 |
| 3. सकारात्मक सोच — 16 | 30. खुशी की महिमा — 113 |
| 4. सहनशीलता — 19 | 31. बहुमूल्य सीख — 116 |
| 5. सफलता — 22 | 32. धैर्य — 122 |
| 6. हम होंगे कामयाब — 27 | 33. महान् विचार — 125 |
| 7. समय का मोल — 30 | 34. बुढ़ापा सियाना — 130 |
| 8. ज्ञान की खान — 33 | 35. डंके की चोट पर — 132 |
| 9. सपनों का सच — 40 | 36. दुनियादारी — 136 |
| 10. पथप्रदर्शक — 43 | 37. जीवन का उद्देश्य — 140 |
| 11. अनुभव — 46 | 38. चिंता — 143 |
| 12. अनमोल वचन — 49 | 39. सीख — 146 |
| 13. परीक्षा — 52 | 40. नजरिया — 148 |
| 14. विवेक-बुद्धि — 55 | 41. हँसी-खुशी — 151 |
| 15. कर्मों का महव — 60 | 42. गिले-शिकवे — 153 |
| 16. साहस — 63 | 43. उपदेश — 156 |
| 17. प्रेरणादायक विचार — 66 | 44. जीवन का सच — 159 |
| 18. जालिम गुस्सा — 69 | 45. दूरियाँ — 161 |
| 19. आशीर्वाद — 73 | 46. दोस्ती-यारी — 164 |
| 20. रोचक विचार — 76 | 47. दृष्टिकोण — 167 |
| 21. सोच-विचार — 81 | 48. सुख-दु:ख — 170 |
| 22. रचनात्मक रुख — 84 | 49. समझदारी — 173 |
| 23. रिश्ते-नाते — 88 | 50. संघर्ष — 176 |
| 24. आदर्श उदाहरण — 92 | 51. खूबसूरत खयाल — 179 |
| 25. तोल-मोल के बोल — 96 | 52. मजेदार विचार — 181 |
जौली अंकल का मानना है कि आज हर कोई दूसरों को सुधारने की बात करता है। यहाँ तक कि जो लोग चंद लाइनें भी ठीक से नहीं खींच सकते, वे समाज को बदलने का नक्शा बनाने का दावा करने लगे हैं; परंतु क्या कभी किसी ने इस बात को जानने का प्रयास किया है कि जब तक हमारे अपने मन का दीपक नहीं जलता, तब तक हम दूसरों के घरों को कैसे रोशन कर सकते हैं?
विषय चाहे कोई भी हो, जौली अंकल अपनी हर बात इतनी सरल भाषा में कहते हैं कि वे पाठकों के दिल पर सीधा सकारात्मक प्रभाव डालती है। उनका दावा है कि एक अच्छे लेखक को ऐसी भूमिका निभानी चाहिए, जिससे समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो सके। इसी के साथ वे नई पीढ़ी की जिम्मेदारियों के प्रति बहुत चिंतित हैं, क्योंकि वे मानते हैं कि आनेवाले समय का सारा उत्तरदायित्व युवा कंधों पर ही है। दूसरे लोग चाहे कुछ भी कहते रहें, परंतु जौली अंकल तो यही मानते हैं कि मानवजाति का भविष्य छोटी-छोटी बातों को बड़ी-बड़ी खुशियों में तबदील करके ही सँवारा जा सकता है।
जौली अंकल को अनेक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मानों/पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।
इ-मेल : jollyuncle@gmail.com