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Jagdish Mamgain

Jagdish Mamgain

दिल्ली में ब्राह्मण परिवार में जनमे श्री जगदीश ममगाँई का सामाजिक व राजनैतिक संघर्ष 1981 में दिल्ली विश्‍वविद्यालय की छात्र राजनीति से प्रारंभ हुआ। उन्होंने विभिन्न कॉलेजों में सीटें बढ़वाने व प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए आठ दिन की भूख-हड़ताल की व धरने-प्रदर्शन का नेतृत्व किया। कानुपर की तीन बहनों द्वारा दहेज के अभाव में आत्महत्या करने से स्तब्‍ध श्री ममगाँई ने दिल्ली विश्‍वविद्यालय में दहेज-विरोधी रैली कर दहेज न लेने के संकल्प कार्यक्रम किए और उसे अपने जीवन में भी उतारा दिल्लीवासियों, विशेषकर युवाओं में नशे की बढ़ती लत के खिलाफ उन्होंने ‘स्वतंत्र प्रहरी’ नामक संस्‍था गठित की, जिसके तत्त्वावधान में हेल्‍थ कैंप, धरना-प्रदर्शन व गोष्‍ठ‌ियाँ आयोजित कीं। ‘रेस अगेंस्ट ड्रग्स’ में विभिन्न कॉलेजों के सैंकड़ों छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। कश्मीर में आतंकवाद, मुजफ्फरनगर में उत्तराखंडी आंदोलनकारी महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार, औद्योगिक इकाइयों को उजाड़ने व सीलिंग के विरोध में उन्होंने प्रभावी भूमिका निभाई।
श्री जगदीश ममगाँई वर्तमान में दिल्ली नगर निगम की निर्माण समिति के अध्यक्ष व दिल्ली यूनिवर्सिटी कोर्ट के सदस्य हैं। इससे पूर्व वे कोटा विश्‍वविद्यालय की उप-कुलपति चयन सीमिति के अध्यक्ष, दिल्ली सरकार की कृषि विपणन समिति के उपाध्यक्ष, नेहरू युवा केंद्र की चयन समिति व टेलीफोन एडवाइजरी कमेटी के सदस्य रहे। उनकी ‘लोकशिल्पी-दिल्ली नगर निगम’ पुस्तक प्रकाशित हुई जिसमें निगम के अधिकार, कर्तव्य व कार्यप्रणाली का विवरण है समाचारपत्र-पत्रिकाओं में उनके लेख यथार्थवादी होते हैं। उनको जाननेवाले उनकी योग्यता, ईमानदारी व वाक्पटुता के कायन हैं।
संपर्क: jagdishmamgain@ymail.com

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