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Author Ankur Mishra
Features
  • ISBN : 9788169116008
  • Language : Hindi
  • Publisher : Prabhat Prakashan
  • Edition : 1st
  • ...more

More Information

  • Ankur Mishra
  • 9788169116008
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • 1st
  • 2026
  • 192
  • Soft Cover
  • 200 Grams

Description

यह जीवन की टेढ़ी-मेढ़ी पगडंडी पर चलते हुए एक ऐसे नौजवान की कहानी  है, जो सिस्टम से चोट खाता है परंतु अपने विश्वास को नहीं टूटने देता। इसी विश्वास के सहारे गतिमान अपने जीवन में आए उतार-चढ़ावों को सम भाव से ग्रहण करता हुआ वह ऐसे मोड़ पर आकर ठिठकता है, जब उसे जीवन का उद्देश्य ही व्यर्थ लगने लगता है। यह कहानी जातियों में फंसे हुए हमारे समाज की कड़वी सच्चाई है एवं हमारे देश के ग्राम्य जीवन की पटकथा भी है। यह एक ऐसे संबंध की भी कहानी है, जो समाज के गढ़े हुए किसी भी साँचे में फिट नहीं बैठती। यह कहानी मनुष्य के चरित्र की जीवटता की कहानी है, साथ ही उसके जीवन की क्षणभंगुरता की भी। यहाँ कोई नायक नहीं है, कोई खलनायक नहीं है, बस जीवन अपनी समस्त शक्ति एवं कमजोरियों के साथ आप सभी के समक्ष प्रस्तुत है।

 

The Author

Ankur Mishra

अंकुर मिश्रा 
जन्म : 1 अक्तूबर, 1989 को कानपुर (उ.प्र.) में।
शिक्षा : यांत्रिकी अभियंत्रिकी से स्नातक, ष्ट्नढ्ढढ्ढक्च
संप्रति : सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक में वरिष्ठ प्रबंधक।
प्रकाशन : विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में कहानियों का प्रकाशन। वर्ष 2018 में प्रथम कहानी संग्रह ‘द जिंदगी’ तथा वर्ष 2020 में द्वितीय कहानी संग्रह ‘कॉमरेड’ का प्रकाशन।
सम्मान : कहानी संग्रह ‘द जिंदगी’ के लिए सर्वभाषा ट्रस्ट, नई दिल्ली द्वारा ‘सूर्यकांत त्रिपाठी निराला साहित्य सम्मान 2018’, कहानी संग्रह ‘कॉॅमरेड’ नवलेखन उपक्रम में चयनित।
संपर्क : एम-714, आवास विकास-1, केशवपुरम, कानपुर (उ.प्र.)
इ-मेल Ñ mynameankur@gmail.com

 

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