₹400
"प्रोफ़ेशनल लाइफ में बेहद सफल डॉ. त्रिशा अपनी पर्सनल लाइफ में प्यार की तलाश में है। एक ऐसा साथी, जो उसको दीवानों की तरह प्यार करे और उसको समझे ।
पहली मुहब्बत में धोखा खाने के बाद दोबारा विश्वास करना उसके लिए बेहद मुश्किल है। आई.पी.एस. विक्रांत त्रिशा को कई सालों से इकतरफा प्यार करता है, पर उसकी न सुनने के बाद पीछे हट जाता है, लेकिन मुश्किलों में हमेशा एक सच्चे दोस्त की तरह उसके साथ खड़ा रहता है।
दूसरी तरफ राहुल की दीवानगी से त्रिशा उसकी तरफ झुकती चली जाती है, पर इस नए रिश्ते में वह एक बड़े तूफान में घिर जाती है।
दोस्ती और इश्क़ के बीच झूलते रिश्ते में क्या प्यार के फूल खिल पाएँगे ? रिश्तों की बारीकियों और उतार-चढ़ाव से बुनी खूबसूरत दास्ताँ - 'प्यार के इस खेल में'।"