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"प्रस्तुत पुस्तक 'Mission मोसाद' के विकास में निर्णायक क्षणों के रूप में सामने आए गुप्त अभियानों का वर्णन करती है, जिसमें 1972 के ओलंपिक खेलों में इजरायली एथलीटों की हत्या करने वाले ब्लैक सितंबर आतंकवादियों का पीछा करना, इजरायल के अघोषित परमाणु हथियार कार्यक्रम के लिए खुले समुद्र में येलोकेक यूरेनियम का अधिग्रहण करना और नाजी युद्ध अपराधी एडॉल्फ आइचमैन को न्याय के कठघरे में लाने में इसकी भूमिका शामिल है।
इस पुस्तक में एजेंसी के कुछ संदिग्ध कृत्यों का भी वर्णन किया गया है, जिनमें इराक के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम से जुड़े नागरिक वैज्ञानिकों की हत्या और इजरायली नागरिक मोर्दकै वनुनु का अपहरण शामिल है। एडवर्ड स्नोडेन की तरह मोर्दकै वनुनु को भी कभी सिद्धांतवादी मुखबिर तो कभी बेईमान गद्दार के रूप में चित्रित किया गया है। इस खंड में चर्चा किए गए सभी मिशन मोसाद के चरित्र, रचनात्मकता और साहस को दरशाते हैं, साथ ही इसके अभियानों के नैतिक पहलुओं की समस्याओं को भी उजागर करते हैं।"