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"सबकुछ इस बात पर निर्भर करता है कि जो शेयर 5-10-15-20 प्रतिशत भागने वाला है, आप उसके प्राइस मूवमेंट से उसको पहचान सकें कि वह अब बढ़ने वाला है या गिरने वाला है।
इसे 'प्राइस एक्शन मूवमेंट' कहते हैं; जैसे सूर्य निकलने से पहले ही ब्राह्ममुहूर्त में रात का अंधकार दूर होने लगता है, आकाश में लालिमा छा जाती है, जिससे आभास हो जाता है कि सूर्य निकलने वाला है।
आजकल के शॉर्ट वीडियो स्टेटस और रील देख-देखकर मनुष्यों के एकाग्र होने की क्षमता कम हो रही है तथा 30 सेकंड तक पुस्तक पढ़कर वे आदत के मुताबिक उस पाठ को वहीं अधूरा छोड़कर, पन्ने पलटकर आगे से पढ़ने लगते हैं, ताकि पुस्तक में 30 सेकंड का कोई जादुई शॉर्टकट बताया गया हो तो उसे पढ़कर फटाफट ट्रेडिंग में मास्टर बन सकें।
आप इसे एक पवित्र संयोग समझें कि यह पुस्तक आपके हाथों में आ गई है। इसलिए आप इसे साधारण पुस्तक न समझकर एक पवित्र पुस्तक समझकर पूर्ण विश्वास व आदर के साथ इसका एक-एक पेज समझ-समझकर पढ़ें और आत्मसात् करें। आप भले ही रोज एक-दो पेज ही पढ़ें, परंतु जो भी पढ़ें, उसे पूरी तरह से आत्मसात् किए बगैर आगे न बढ़ें। शेयर मार्किट में सफलता पाने के व्यावहारिक गुरुमंत्र बताती एक व्यावहारिक प्रामाणिक पुस्तक ।"
विज्ञान संकाय से स्नातक महेश चंद्र कौशिक ने अपने कॅरियर की शुरुआत निजी शिक्षण संस्थान में अध्यापक के पद से की थी। बाद में वह राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा वाणिज्यिक कर विभाग में कनिष्ठ लिपिक के पद पर चयनित हुए। इस पद पर 5 वर्ष कार्य करने के उपरांत उनका चयन राजस्थान लोक सेवा आयोग के माध्यम से ही राजस्व विभाग में टी.आर.ए. के पद पर हुआ। इस पद पर 2001 से 2017 तक कार्य करने के उपरांत वर्तमान में पदोन्नति पाकर जिला कलेक्टर कार्यालय, सिरोही में सहायक राजस्व लेखा अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं।
महेशजी वर्ष 2009 से शेयर मार्केट पर ब्लॉग लिख रहे हैं। बाद में सेबी रिसर्च एनालिस्ट रेगूलेशन 2014 आ जाने के कारण उन्होंने अपना ब्लॉग लेखन बंद करने की घोषणा की। उनके सोशल मीडिया यूट्यूब पर पचास हजार से अधिक फॉलोअर हैं। इस पर हजारों प्रशंसकों ने उन्हें रिसर्च एनालिस्ट परीक्षा पास करके पंजीकृत रिसर्च एनालिस्ट बनने का निवेदन किया, ताकि उनको ब्लॉग से लगातार ज्ञान मिलता रहे। तदुपरांत उन्होंने सेबी से रिसर्च एनालिस्ट के रूप में पंजीकरण करवाया और अब रिसर्च एनालिस्ट की सेवाएँ निःशुल्क प्रदान करते हैं।