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"एक स्मार्ट निवेशक को चाहिए कि वह अपने निवेश में विविधता रखे; क्योंकि विविधता आपको भविष्य में होनेवाले संभावित नुकसानों से बचा सकती है। स्मार्ट निवेशक कभी भी तर्कहीन मुनाफे की तलाश नहीं करता; बल्कि उसका ध्यान सुरक्षित, स्थिर व नियमित रिटर्न पर होता है।
यदि आप स्मार्ट व बुद्धिमान निवेशक बनना चाहते हैं तो अपनी स्वयं की शोध पर भरोसा करें और बाजार में चल रही अफवाहों एवं टिप्स को पूरी तरह से नजरअंदाज करें। शेयर बाजार में अच्छा प्रदर्शन करनेवाली और बुरा प्रदर्शन करनेवाली कंपनियाँ होती हैं, परंतु वास्तव में अच्छे शेयर जैसी कोई चीज नहीं होती। शेयर का वह प्राइस अच्छा होता है, जिस पर उसका वैल्युएशन सस्ता और भविष्य में ग्रोथ की संभावना वाला हो।
आपको शेयर बाजार में एक निवेशक की तरह कार्य करना चाहिए, न कि एक सट्टेबाज के रूप में। शेयर बाजार में आपको अपनी पूँजी को छोटे हिस्सों में बाँटकर निवेश करना आवश्यक है, ताकि आप कभी भी अपना सारा पैसा न गँवाएँ।
स्टॉक मार्केट में उतार-चढ़ाव होता रहता है और निवेशक इस उतार-चढ़ाव का लाभ उठाना चाहते हैं। इसी वजह से आम निवेशक जब बाजार बढ़ रहा होता है, तब बाजार और भी बढ़ेगा, इस उम्मीद में महँगे दाम पर भी शेयर खरीद लेते हैं तथा जब बाजार गिरने लगता है तो वे स्टॉप लॉस की अवधारणा के कारण सस्ते में शेयर बेच देते हैं; परंतु ऐसा करके वे अपने आप को एक निवेशक की जगह सट्टेबाज में तब्दील कर देते हैं।"
विज्ञान संकाय से स्नातक महेश चंद्र कौशिक ने अपने कॅरियर की शुरुआत निजी शिक्षण संस्थान में अध्यापक के पद से की थी। बाद में वह राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा वाणिज्यिक कर विभाग में कनिष्ठ लिपिक के पद पर चयनित हुए। इस पद पर 5 वर्ष कार्य करने के उपरांत उनका चयन राजस्थान लोक सेवा आयोग के माध्यम से ही राजस्व विभाग में टी.आर.ए. के पद पर हुआ। इस पद पर 2001 से 2017 तक कार्य करने के उपरांत वर्तमान में पदोन्नति पाकर जिला कलेक्टर कार्यालय, सिरोही में सहायक राजस्व लेखा अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं।
महेशजी वर्ष 2009 से शेयर मार्केट पर ब्लॉग लिख रहे हैं। बाद में सेबी रिसर्च एनालिस्ट रेगूलेशन 2014 आ जाने के कारण उन्होंने अपना ब्लॉग लेखन बंद करने की घोषणा की। उनके सोशल मीडिया यूट्यूब पर पचास हजार से अधिक फॉलोअर हैं। इस पर हजारों प्रशंसकों ने उन्हें रिसर्च एनालिस्ट परीक्षा पास करके पंजीकृत रिसर्च एनालिस्ट बनने का निवेदन किया, ताकि उनको ब्लॉग से लगातार ज्ञान मिलता रहे। तदुपरांत उन्होंने सेबी से रिसर्च एनालिस्ट के रूप में पंजीकरण करवाया और अब रिसर्च एनालिस्ट की सेवाएँ निःशुल्क प्रदान करते हैं।