Prabhat Prakashan, one of the leading publishing houses in India eBooks | Careers | Events | Publish With Us | Dealers | Download Catalogues
Helpline: +91-7827007777

Ye Kaun Hain, Mahatma?   

₹600

In stock
  We provide FREE Delivery on orders over ₹1500.00
Delivery Usually delivered in 5-6 days.
Author Dr. Pramod Raghav
Features
  • ISBN : 9789347014550
  • Language : Hindi
  • Publisher : Prabhat Prakashan
  • Edition : 1st
  • ...more

More Information

  • Dr. Pramod Raghav
  • 9789347014550
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • 1st
  • 2025
  • 216
  • Hard Cover
  • 200 Grams

Description

"पुस्तक 'ये कौन हैं, महात्मा ?' मूलतः नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व, जीवन-यात्रा और शासन-दृष्टि को सनातन भारतीय परिप्रेक्ष्य में परखने वाली सशक्त रचना है। यह उन्हें महज सफल प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि साधना, सेवा और कठोर आत्मानुशासन से तपे ऐसे महात्मा के रूप में प्रस्तुत करती है, जिसके लिए सत्ता लक्ष्य नहीं, बल्कि राष्ट्र और संस्कृति की सेवा का माध्यम है। नरेंद्र मोदी की राजनीति की धुरी भारतीय सनातन धर्म, अध्यात्म और सांस्कृतिक चेतना की निरंतर प्रावधान धारा है, यही पुस्तक का मूल निष्कर्ष है। वडनगर के सामान्य बालक से वैश्विक प्रतिष्ठा प्राप्त नेता तक की उनकी यात्रा को लेखक तप, अनुशासन, वैराग्य और राष्ट्र सर्वोपरि के संकल्प से निर्मित सतत साधना-पथ के रूप में रेखांकित करते हैं।

पुस्तक 36 अध्यायों में उनके बचपन, पारिवारिक परिस्थितियों, हिमालय-गमन, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ाव, मुख्यमंत्री और बाद में प्रधानमंत्री के रूप में लिये गए निर्णयों और जनकल्याणकारी योजनाओं की वैचारिक पृष्ठभूमि को सामने लाती है। अनुच्छेद 370, तीन तलाक कानून, स्वच्छ भारत, उज्ज्वला, जनधन, आयुष्मान भारत, आत्मनिर्भर भारत, योग दिवस, काशी-विश्वनाथ धाम और अयोध्या में राम मंदिर जैसे कदमों को लेखक धर्मराज्य, जनतपस्या और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की श्रेणी में रखते हैं।

साथ ही यह कृति बताती है कि कैसे नरेंद्र मोदी ने काशी कॉरिडोर, तीर्थ-पर्यटन, भारतीय ग्रंथों के सम्मान और वैश्विक योग-स्वीकृति के माध्यम से भारत की सॉफ्ट पावर को नई ऊँचाई दी। उनकी ब्रह्ममुहूर्त वाली दिनचर्या, 18-20 घंटे काम, सादा जीवन, आलोचना के बीच धैर्य रखना और 'मन की बात' जैसे संवाद-माध्यम एक कर्मयोगी नेता की छवि को मजबूत करते हैं। अंत में पुस्तक यह रेखांकित करती है कि सादगी, त्याग, सेवा और मूल्याधारित नेतृत्व की कसौटी पर नरेंद्र मोदी केवल संवैधानिक प्रमुख नहीं, बल्कि युगद्रष्टा राजर्षि और आधुनिक महात्मा के रूप में उभरते हैं।"

The Author

Dr. Pramod Raghav

Customers who bought this also bought

WRITE YOUR OWN REVIEW