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आपके हाथों में जो पुस्तक है, इसमें प्रसिद्ध लेखक महेश चंद्र कौशिक ने हिंदी में आपको एक कहानी के माध्यम से शेयर बाजार को क ख ग से शुरू करके ऑप्शन ट्रेडिंग तक हर ऐंगल से समझाने का प्रयास किया है।
इस पुस्तक में उनके बारह वर्ष के शेयर बाजार के अनुभव का निचोड़ है। यदि आप इसको मन लगाकर एक-एक पृष्ठ ध्यान से पढ़ेंगे तो आप कितने भी अनाड़ी क्यों न हों, शेयर बाजार आपको बच्चों के खेल जैसा लगने लगेगा।
यह पूरी कहानी आपस में जुड़ी हुई है, इसलिए इसको पहले पृष्ठ से लेकर आखिरी पृष्ठ तक पूरा पढ़ना होगा, बीच में जल्दबाजी करने से या सीधे आगे के अध्यायों पर जाकर पढ़ने से हो सकता है, आप उस ज्ञान के लाभ को उठाने से वंचित रह जाएँ, जो यह आपको इस पुस्तक से मिल सकता है। अतः संयम के साथ आद्योपांत पुस्तक का अध्ययन-मनन करें। फिर निश्चित ही आपको शेयर मार्केट में शिखर पर पहुँचने में समय नहीं लगेगा।
शेयर बाजार के लिए एक उपयोगी प्रैक्टिकल हैंडबुक।
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अनुक्रम
प्रस्तावना—5
1. अब्दुल के आर्थिक हालात—9
2. शेयर बाजार के लिए पहला कदम—13
3. अब्दुल की पहली बचत—20
4. अब्दुल की उधार लेकर निवेश करने की योजना—24
5. अब्दुल का पहला निवेश—32
6. चंदूवाला स्टॉप लॉस या चिंकीवाला स्टॉप लॉस—40
7. किसी शेयर को खरीदने से पहले क्या-क्या चेक करें—46
8. अब्दुल का पहला डिविडेंड—58
9. राव साहब का फ्यूचर एंड ऑप्शन—62
10. एफ.आर.बी. (काल्पनिक नाम) के शुरुआती 5 टिप्स
एकदम सही कैसे चले गए?—75
11. अब्दुल शेयर बाजार में 5 लाख रुपए की पूँजी तक कैसे पहुँचा?—80
12. इंटराडे व फ्यूचर एंड ऑप्शन में कामयाब कैसे हों?—89
13. अब्दुल की ऑप्शन ट्रेडिंग—115
14. अब्दुल ने शेयर बाजार से राशि निकालना कब शुरू किया?—122
15. उपसंहार—127
विज्ञान संकाय से स्नातक महेश चंद्र कौशिक ने अपने कॅरियर की शुरुआत निजी शिक्षण संस्थान में अध्यापक के पद से की थी। बाद में वह राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा वाणिज्यिक कर विभाग में कनिष्ठ लिपिक के पद पर चयनित हुए। इस पद पर 5 वर्ष कार्य करने के उपरांत उनका चयन राजस्थान लोक सेवा आयोग के माध्यम से ही राजस्व विभाग में टी.आर.ए. के पद पर हुआ। इस पद पर 2001 से 2017 तक कार्य करने के उपरांत वर्तमान में पदोन्नति पाकर जिला कलेक्टर कार्यालय, सिरोही में सहायक राजस्व लेखा अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं।
महेशजी वर्ष 2009 से शेयर मार्केट पर ब्लॉग लिख रहे हैं। बाद में सेबी रिसर्च एनालिस्ट रेगूलेशन 2014 आ जाने के कारण उन्होंने अपना ब्लॉग लेखन बंद करने की घोषणा की। उनके सोशल मीडिया यूट्यूब पर पचास हजार से अधिक फॉलोअर हैं। इस पर हजारों प्रशंसकों ने उन्हें रिसर्च एनालिस्ट परीक्षा पास करके पंजीकृत रिसर्च एनालिस्ट बनने का निवेदन किया, ताकि उनको ब्लॉग से लगातार ज्ञान मिलता रहे। तदुपरांत उन्होंने सेबी से रिसर्च एनालिस्ट के रूप में पंजीकरण करवाया और अब रिसर्च एनालिस्ट की सेवाएँ निःशुल्क प्रदान करते हैं।