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"सफलता के लिए कौन आतुर नहीं है ? धन, दौलत, शोहरत की सीढ़ी चढ़ने की चाह किसके मन में नहीं है? यह पुस्तक आपको केवल सफल बनाने के लिए नहीं है, बल्कि आपका रूपांतरण करने के लिए है, जिसका माध्यम सफलता है। इस कलियुग में सफल होना आम बात बन चुकी है, किंतु कितने हैं, जो उस सफलता को सँभाले हुए हैं, जो उसको भोग रहे हैं। सप्तदशक सूत्रम् में ऐसे 70 सूत्रों को विस्तार दिया गया है, जिनको अपने जीवन में आत्मसात् करने से आप वास्तव में सफल मनुज के रूप में स्थापित हो सकते हैं। यह पुस्तक बताती है कि सफलता केवल परिस्थितियों का फल नहीं, बल्कि सजग पुरुषार्थ, स्पष्ट दृष्टि और विवेकपूर्ण निर्णयों का परिणाम है।
मानवीय व्यवहार से संबंधित इस पुस्तक के 70 सूत्र प्रत्येक क्षेत्र को स्पर्श करते हैं- लक्ष्य निर्धारण, बाधाओं से जूझना, संदेह से मुक्त होना, सकारात्मक सोच, स्मरण-शक्ति, नेतृत्व, समय-प्रबंधन, इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और शिष्टाचार। प्रत्येक अध्याय आपको अपने जीवन में बदलाव लाने के लिए प्रेरित करता है। आत्मानुशासन, सेवा-भाव और निरंतर अभ्यास से ही कोई सफलता के मार्ग पर अग्रसारित हो सकता है।
यह पुस्तक उन सभी के लिए है, जो स्वयं को निखारना, अपने कार्य-जीवन में प्रगति करना और अपने भीतर के श्रेष्ठ व्यक्तित्व को सामने लाना चाहते हैं। सप्तदशक सूत्रम् सफलता का केवल मार्ग-मानचित्र नहीं, बल्कि जीवन-प्रबंधन का समग्र पाठ प्रस्तुत करती है, जो मन को स्पष्टता, कर्म को दिशा और जीवन को अर्थ प्रदान करता है।"