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एस.आई.पी. का शाब्दिक अर्थ है—‘सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान’, अर्थात् एस.आई.पी. वास्तव में सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान की शॉर्ट फॉर्म है। हिंदी में कहें तो क्रमबद्ध तरीके से निवेश की योजना।
सामान्यतः म्यूचुअल फंडों में एस.आई.पी. का प्रयोग व्यापक रूप से किया जाता है। म्यूचुअल फंड एक प्रकार का सामूहिक निवेश है, इसे आप ‘पारस्परिक निधि’ भी कह सकते हैं। इसमें निवेशकों के समूह मिलकर स्टॉक या प्रतिभूतियों में निवेश करते हैं।
एस.आई.पी. में एक निश्चित राशि का निवेश एक निश्चित समय अंतराल, जैसे प्रत्येक एक माह के बाद या प्रत्येक तीन माह में या प्रत्येक छह माह में म्यूचुअल फंड में किया जाता है।
विश्व में आज तक निवेश के लिए जितने भी सिस्टम खोजे गए हैं, उनमें एस.आई.पी. को सबसे सुरक्षित, सबसे सरल व सबसे ज्यादा लाभकारी सिस्टम माना गया है।
विज्ञान संकाय से स्नातक महेश चंद्र कौशिक ने अपने कॅरियर की शुरुआत निजी शिक्षण संस्थान में अध्यापक के पद से की थी। बाद में वह राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा वाणिज्यिक कर विभाग में कनिष्ठ लिपिक के पद पर चयनित हुए। इस पद पर 5 वर्ष कार्य करने के उपरांत उनका चयन राजस्थान लोक सेवा आयोग के माध्यम से ही राजस्व विभाग में टी.आर.ए. के पद पर हुआ। इस पद पर 2001 से 2017 तक कार्य करने के उपरांत वर्तमान में पदोन्नति पाकर जिला कलेक्टर कार्यालय, सिरोही में सहायक राजस्व लेखा अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं।
महेशजी वर्ष 2009 से शेयर मार्केट पर ब्लॉग लिख रहे हैं। बाद में सेबी रिसर्च एनालिस्ट रेगूलेशन 2014 आ जाने के कारण उन्होंने अपना ब्लॉग लेखन बंद करने की घोषणा की। उनके सोशल मीडिया यूट्यूब पर पचास हजार से अधिक फॉलोअर हैं। इस पर हजारों प्रशंसकों ने उन्हें रिसर्च एनालिस्ट परीक्षा पास करके पंजीकृत रिसर्च एनालिस्ट बनने का निवेदन किया, ताकि उनको ब्लॉग से लगातार ज्ञान मिलता रहे। तदुपरांत उन्होंने सेबी से रिसर्च एनालिस्ट के रूप में पंजीकरण करवाया और अब रिसर्च एनालिस्ट की सेवाएँ निःशुल्क प्रदान करते हैं।