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Rashtriya Swayamsevak Sangh: Aham Se Vayam Ki Yatra   

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Author Sameer Chougaonkar
Features
  • ISBN : 9789347014109
  • Language : Hindi
  • Publisher : Prabhat Prakashan
  • Edition : 1st
  • ...more

More Information

  • Sameer Chougaonkar
  • 9789347014109
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • 1st
  • 2025
  • 400
  • Soft Cover
  • 400 Grams

Description

"1925 'में स्थापित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपनी 100 साल की गौरवपूर्ण यात्रा में तमाम उतार-चढ़ावों से गुजरने के बाद देश के हर क्षेत्र व समाज के हर आयाम को स्पर्श किया है। संघ व्यक्ति-निर्माण से राष्ट्र-निर्माण का विराट् उद्देश्य लेकर चला और इसके लिए संघ के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार ने जो कार्य-पद्धति चुनी, वह थी नित्य-नियमित चलने वाली शाखाएँ। संघ शाखा का स्थान एक ऐसी प्रेरणाभूमि है, जहाँ से स्वयंसेवक की अहं से वयं की यात्रा प्रारंभ होती है। संघ की शाखाएँ व्यक्ति और चरित्र-निर्माण की यज्ञवेदी हैं।

इस पुस्तक में संघ के अहं से वयं की यात्रा को विस्तार से बताने की कोशिश की गई है। संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार के जीवन, उनके संघर्ष और संघ की स्थापना, गुरुजी गोलवलकर का संघ के विस्तार में योगदान और संघ पर प्रथम प्रतिबंध लगने के बाद गुरुजी के नेहरू और पटेल के साथ पत्राचार के बाद संघ संविधान के निर्माण की विस्तृत जानकारी दी गई है।

यह पुस्तक समाज को संघ से अवगत कराएगी। तीस साल संघ को करीब से देखने के बाद संघ की सौ साल की यात्रा पर यह पुस्तक लिखी गई है। विश्वास है कि यह पुस्तक संघ के 'राष्ट्र सर्वोपरि' के मूलमंत्र की अवधारणा को समाज में गहराई तक रेखांकित करेगी और विराट् संघ-कार्य का दिग्दर्शन करवाएगी।"

The Author

Sameer Chougaonkar

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