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आमतौर पर किसी भी व्यक्ति में यह प्रवृत्ति होती है कि वह बिना मेहनत किए सबकुछ पा लेना चाहता है। इसी प्रवृत्ति के चलते लोग शेयर बाजार में बगैर कोई पुस्तक पढ़े, बगैर मेहनत किए सीधे ही सुनी-सुनाई बातों और दोस्तों की सलाह से निवेश कर बैठते हैं तथा अपनी पूरी पूँजी गँवाकर जिंदगी भर शेयर बाजार फ्यूचर ट्रेडिंग, ऑहृश्वशन ट्रेडिंग को कोसते रहते हैं। ऑप्शन ट्रेडिंग में लोग साधारण शेयर खरीदने-बेचने की तुलना में 10 गुना ज्यादा तेजी से पैसा कमा सकते हैं और इसका विपरीत भी उतना ही सत्य है कि लोग दस गुना तेजी से पैसे गँवा भी सकते हैं।
ट्रेडिंग को बैंक एफ.डी. की तरह निश्चित रिटर्न देने वाला निवेश न समझें। निवेश व ट्रेडिंग दो अलग-अलग सिद्धांत हैं। ट्रेडिंग में नफा-नुकसान दोनों हो सकते हैं, इसलिए इस पुस्तक के शुरुआती अध्यायों में आपको ऑप्शन ट्रेडिंग की मानसिक परिपक्वता तैयार करने तथा पोजीशन साइज मैनेज करने के जो सिद्धांत बताए गए हैं, वे पुस्तक के आवश्यक भाग हैं। अपेक्षा की जाती है कि पाठक शुरुआती अध्यायों को ध्यानपूर्वक पढ़कर तथा अमल करके पहले ट्रेडिंग के लिए मानसिक रूप से पर्याहृश्वत परिपक्वता अर्जित करें, फिर पोजीशन साइज के अनुसार वे कितनी पोजीशन लेंगे, यह सुनिश्चित करें और किसी भी परिस्थिति में लालच करने एवं ओवर पोजीशन लेने से बचें। इसमें पाठकों को जो भी सिद्धांत बताए हैं, उनमें कम-से-कम एक माह तक पेपर ट्रेड करके अनुभव अर्जित करें।
शेयर बाजार के एक महत्त्वपूर्ण घटक ‘ऑप्शन ट्रेडिंग’ पर एक संपूर्ण व्यावहारिक पुस्तक।
विज्ञान संकाय से स्नातक महेश चंद्र कौशिक ने अपने कॅरियर की शुरुआत निजी शिक्षण संस्थान में अध्यापक के पद से की थी। बाद में वह राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा वाणिज्यिक कर विभाग में कनिष्ठ लिपिक के पद पर चयनित हुए। इस पद पर 5 वर्ष कार्य करने के उपरांत उनका चयन राजस्थान लोक सेवा आयोग के माध्यम से ही राजस्व विभाग में टी.आर.ए. के पद पर हुआ। इस पद पर 2001 से 2017 तक कार्य करने के उपरांत वर्तमान में पदोन्नति पाकर जिला कलेक्टर कार्यालय, सिरोही में सहायक राजस्व लेखा अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं।
महेशजी वर्ष 2009 से शेयर मार्केट पर ब्लॉग लिख रहे हैं। बाद में सेबी रिसर्च एनालिस्ट रेगूलेशन 2014 आ जाने के कारण उन्होंने अपना ब्लॉग लेखन बंद करने की घोषणा की। उनके सोशल मीडिया यूट्यूब पर पचास हजार से अधिक फॉलोअर हैं। इस पर हजारों प्रशंसकों ने उन्हें रिसर्च एनालिस्ट परीक्षा पास करके पंजीकृत रिसर्च एनालिस्ट बनने का निवेदन किया, ताकि उनको ब्लॉग से लगातार ज्ञान मिलता रहे। तदुपरांत उन्होंने सेबी से रिसर्च एनालिस्ट के रूप में पंजीकरण करवाया और अब रिसर्च एनालिस्ट की सेवाएँ निःशुल्क प्रदान करते हैं।