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Moha Moha Ke Dhage Stories Book   

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Author Bhavna Shekhar
Features
  • ISBN : 9789355719744
  • Language : Hindi
  • Publisher : Prabhat Prakashan
  • Edition : 1st
  • ...more

More Information

  • Bhavna Shekhar
  • 9789355719744
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • 1st
  • 2025
  • 144
  • Soft Cover
  • 150 Grams

Description

"कहते हैं, कलयुग में धर्म एक पाँव पर लड़खड़ाता चल रहा है। इस पाँव की बैसाखी बनती हैं कभी हर्षिता की रक्षक मृदुला दी तो कभी रोशनी की लकीर बिखेरती कनुप्रिया। सच है, बदलते मूल्यों ने स्वार्थ को खाद-पानी दिया है, जिसकी उपज हैं ओल्ड एज होम और अनाथालय किंतु इसी माहौल ने सोच के पैरों में पड़ी बेड़ियों को भी काट फेंका है। अकेलेपन से जूझते बुजुर्गों की बसंत की खुशबू को मुट्ठी में कैद करने की हालिया ख्वाहिशें बेहद सुखद हैं। सोमेश और चित्रांगदा जैसे किरदार नाउम्मीदी के पाँवों में बेताबियाँ भरते हैं पाठक की बंद सोच की खिड़कियाँ खोलते हैं। पारंपरिक वर्जनाओं की शिकार कस्तूरी को भी जीवन-संध्या में ठाँव मिल ही जाती है।

इस संग्रह की कहानियाँ परिवार और समाज के आड़े-तिरछे सवालों से टकराती हैं। बच्चे घर की दहलीज में ही रंगभेद के शिकार होते हैं, स्कूल की चारदीवारी में दागदार होते हैं। बचपन की पीठ पर चाबुक की तरह पड़े अपशब्द कुंठा का बीज बोते हैं और उम्र के साथ यह विषवृक्ष सघन होता जाता है। जबकि प्रशस्ति का एक शब्द कृतज्ञता में लिपटा 'थैंक यू' उम्र के आखिरी पायदान पर कमर झुकाए खड़ी उमा की माँ की रीढ़ में संगीत भर देता है। सांप्रदायिक सौहार्द की कहानी 'फिरोजा' एक मनिहारिन के शब्दचित्र के व्याज से एक लुप्त होती पारंपरिक जाति, उसके व्यवसाय और संस्कृति की पड़ताल करती है। विविध कोणों से समाज का विमर्श करती 'मोह-मोह के धागे' संग्रह की कहानियाँ कमोबेश हर पाठक की रुचियों का परिष्कार करेंगी।"

The Author

Bhavna Shekhar

भावना शेखर
जन्म एवं शिक्षा : मूलतः हिमाचल प्रदेश से जुड़ी, दिल्ली में जनमी, लेडी श्रीराम कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर द्वय (हिंदी, संस्कृत), एम.फिल. और पी-एच.डी.। गत सत्ताईस वर्षों से अध्यापन।
रचना-संसार : आस्तिक दर्शनों में प्रतिपादित  मीमांसा  सिद्धांत,  सत्तावन पँखुडि़याँ, साँझ का नीला किवाड़, मौन का महाशंख, जुगनी, खुली छतरी, जीतो सबका मन, मिलकर रहना। अनेक कविताओं का जापानी भाषा में अनुवाद।
गतिविधियाँ : आकाशवाणी के सर्वभाषा कवि सम्मेलन, बिहार के राष्ट्रीय ‘कविता समारोह’ और भारत-जापान द्वारा आयोजित पोएट्री सिंपोजियम में काव्य-पाठ। बिहार में ‘जागरण संवादी’ एवं पटना लिटरेचर फेस्टिवल में भागीदारी, छत्तीसगढ़ सरकार के ‘हिंदी हैं हम’ और दिल्ली सरकार की शैक्षिक कार्यशालाओं में विशेषज्ञ की भूमिका। इंडोनेशिया में ‘रामायण का वैज्ञानिक संदर्भ’ पर व्याख्यान।
पुरस्कार-सम्मान : सर्वश्रेष्ठ बालकथा का मधुबन संबोधन पुरस्कार एवं TERI संस्था द्वारा पुरस्कार। हिंदी साहित्य सम्मेलन, बिहार द्वारा साहित्यसेवी एवं शताब्दी पुरस्कार। नव अस्तित्व फाउंडेशन, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर द्वारा साहित्य के लिए वीमेंस अचीवर्स अवार्ड। 
संप्रति : ए.एन. कॉलेज पटना में अध्यापन। 
संपर्क : 8809931217

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